नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह का पहला दिन निराशाजनक रहा। सोमवार 13 अप्रैल को घरेलू इक्विटी इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 702.68 अंक यानी 0.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,847.57 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 207.95 अंक यानी 0.86 प्रतिशत टूटकर 23,842.65 के स्तर पर आ गया।
सेक्टरों का हाल
बाजार में पावर, डिफेंस और टेलीकॉम को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। एफएमसीजी, ऑटो, आईटी, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में एक-एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी आधा-आधा प्रतिशत की कमजोरी देखी गई। गिरावट के बावजूद एचडीएफसी लाइफ, अदानी एंटरप्राइजेज, आईसीआईसीआई बैंक और एनटीपीसी जैसे शेयर बढ़त बनाने में कामयाब रहे। दूसरी ओर मारुति सुजुकी, आयशर मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
स्पाइसजेट में लगातार चौथे दिन अपर सर्किट
वित्तीय दबाव और कानूनी चुनौतियों से जूझ रही एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी का सिलसिला जारी है। सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयर पर 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा। दोपहर के समय शेयर 12.88 रुपये पर लॉक हो गया। पिछले चार दिनों में इस शेयर ने करीब 21.4 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों की इसमें दिलचस्पी बढ़ी है।
कच्चे तेल की तेजी से इलेक्ट्रिक उपकरण कंपनियों को फायदा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से बजाज इलेक्ट्रिकल्स जैसी घरेलू उपकरण निर्माता कंपनियों के शेयरों में 2.5 प्रतिशत तक का उछाल आया। तेल महंगा होने से एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है, जिसके कारण उपभोक्ता इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक केतली जैसे बिजली उपकरणों की ओर रुख करते हैं। इसी मांग की उम्मीद में इन कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। आज थरमैक्स, अजंता फार्मा और वोल्टास के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई।


