टीआरपी। IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। महज 15 साल की उम्र में दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों की धुनाई करने वाले इस खिलाड़ी का नाम अब आयरलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड हेतु शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है।
छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर इसलिए खास है क्योंकि आईपीएल के जरिए छोटे शहरों और कम उम्र के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना एक बड़ी प्रेरणा है। हालांकि, वैभव के साथ जुड़ा इम्पैक्ट प्लेयर का विवाद भविष्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सबक भी है।
बल्लेबाजी में ‘सुनामी’, लेकिन फील्डिंग में ‘जीरो’?
वैभव सूर्यवंशी ने अब तक खेले 5 मैचों में लगभग 263 के स्ट्राइक रेट से 200 रन कूट दिए हैं और वह फिलहाल ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे नंबर पर हैं। लेकिन इस चमक के पीछे एक बड़ी कमजोरी छिपी है। राजस्थान रॉयल्स उन्हें हर मैच में केवल इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, जिसके कारण उन्होंने पूरे सीजन में अब तक एक भी ओवर फील्डिंग नहीं की है।
आधुनिक क्रिकेट के दौर में, जहां टीम इंडिया में फिटनेस और फील्डिंग के मानक काफी ऊंचे हैं, वहां वैभव का केवल ‘स्पेशलिस्ट बैटर’ बने रहना उनके करियर के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
राजस्थान रॉयल्स की रणनीति पर सवाल
चिंताजनक बात यह है कि इस सीजन में वैभव के नाम एक भी कैच दर्ज नहीं है क्योंकि उन्हें मैदान पर उतरने का मौका ही नहीं मिला। यदि राजस्थान उन्हें केवल इम्पैक्ट प्लेयर के खांचे में सीमित रखती है, तो यह उनके पूर्ण क्रिकेटर बनने की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर खिलाड़ी से बाउंड्री पर रन बचाने और कठिन कैच पकड़ने की उम्मीद की जाती है।
वैभव सूर्यवंशी की उम्र मात्र 15 साल है और उनका स्ट्राइक रेट 263 के करीब है।
वह वर्तमान में आईपीएल 2026 की ऑरेंज कैप रेस में तीसरे स्थान पर काबिज हैं।
पूरे सीजन में वैभव ने अब तक 0 कैच पकड़े हैं और 0 ओवर फील्डिंग की है।
आयरलैंड दौरे से पहले भारतीय चयनकर्ताओं की नजर वैभव की फील्डिंग स्किल्स पर होगी। अगर राजस्थान रॉयल्स उन्हें अगले मैचों में फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं उतारती है, तो टीम इंडिया की कैप हासिल करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


