टीआरपी। रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर के वाहन स्वामियों को लंबे समय से लंबित ई-चालान (E-Challan) के निपटारे के लिए अंतिम अवसर दिया है। डीसीपी यातायात विकास कुमार के निर्देशानुसार, मई माह में आयोजित होने वाली लोक अदालत में पुराने प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा, जिसके बाद चूक करने वालों के वाहन सीधे जप्त किए जाएंगे।
यह खबर रायपुर के उन हजारों वाहन चालकों के लिए राहत भरी है जिन पर भारी जुर्माना बकाया है। लोक अदालत के माध्यम से कम खर्च और कानूनी पेचीदगियों के बिना रिकॉर्ड ‘क्लीन’ करने का यह आखिरी मौका है, अन्यथा ब्लैकलिस्ट होने पर वाहन की खरीद-बिक्री और फिटनेस जैसे काम रुक सकते हैं।
लोक अदालत के लिए 5 मई तक पंजीकरण अनिवार्य
यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं चालानों पर राहत मिलेगी जो 31 दिसंबर 2025 से पहले के हैं। इन मामलों को कोर्ट में रखने के लिए 5 मई 2026 तक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। पुलिस अब सीधे WhatsApp और कॉल के जरिए नोटिस भेज रही है ताकि कोई भी जानकारी के अभाव में न छूटे।
पंजीकरण के लिए वाहन स्वामियों को अपने नजदीकी 09 यातायात थानों में संपर्क करना होगा। यदि इस समय सीमा के भीतर चालान का निराकरण नहीं होता है, तो पुलिस सघन चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों को जप्त करेगी और मामला सीधे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
इन 9 केंद्रों पर कराएं अपना पंजीकरण
रायपुर शहर में निम्नलिखित स्थानों पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है:
यातायात थाना तेलीबांधा: थाना भवन के ऊपर।
भाठागांव बस स्टैंड: बस स्टैंड परिसर के भीतर।
शारदा चौक: हनुमान मंदिर एवं बिजली ट्रांसफार्मर के पास।
फाफाडीह: गंज थाना भवन, फाफाडीह चौक।
भनपुरी: व्यासतालाब तिराहा, बिलासपुर रोड।
टाटीबंध: टाटीबंध चौक के पास।
पंडरी: पुराना बस स्टैंड गेट के पास।
पचपेड़ीनाका: ब्रिज के नीचे स्थित कार्यालय।
यातायात मुख्यालय: कालीबाड़ी स्थित मुख्य कार्यालय।
31 दिसंबर 2025 से पहले के सभी लंबित ई-चालान लोक अदालत के दायरे में आएंगे।
5 मई 2026 पंजीकरण की अंतिम तिथि है, इसके बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई के मध्य में आयोजित होने वाली लोक अदालत में सुनवाई होगी। जो लोग इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे, उनके खिलाफ आरक्षण (Blacklisting) और वाहन जप्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी। भारी जुर्माने से बचने के लिए तुरंत नजदीकी केंद्र पहुंचें।



