आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी

टीआरपी।आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ ने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 73 लाख राशन कार्ड धारकों को तीन महीने का चावल एकमुश्त बांटने के फैसले पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि बिना किसी तैयारी के लिया गया यह फैसला गरीबों के लिए राहत के बजाय मुसीबत का सबब बन गया है।


छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी इलाकों के गरीब परिवारों के लिए राशन एक बड़ा सहारा है। 3 महीने का चावल एक साथ मिलने से भंडारण की समस्या और अतिरिक्त परिवहन खर्च ने हितग्राहियों की कमर तोड़ दी है, जिससे आने वाले समय में जमीनी स्तर पर असंतोष और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ सकती है।

जमीनी हकीकत: न स्टॉक है, न ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा और प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा ने बताया कि राशन दुकानों में क्षमता से अधिक दबाव है। सरकार ने तीन महीने का कोटा तो घोषित कर दिया, लेकिन हकीकत में दुकानों पर न तो पर्याप्त स्टॉक है और न ही ट्रांसपोर्ट की गाड़ियां उपलब्ध हैं।

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जांच में सामने आया है कि अप्रैल माह का भंडारण ही अभी अधूरा है, ऐसे में मई और जून का चावल दुकानों तक पहुंचना असंभव लग रहा है। इस मिसमैनेजमेंट के कारण गरीबों को बार-बार राशन दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

हितग्राहियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने कहा कि एकमुश्त डेढ़ से दो क्विंटल चावल घर ले जाने के लिए गरीबों को 100 से 150 रुपये तक अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है। इसके अलावा, छोटे घरों में रहने वाले लोगों के पास इतने अधिक अनाज को सुरक्षित रखने की जगह नहीं है, जिससे चावल खराब होने का भी डर बना हुआ है।

प्रभावित हितग्राही: प्रदेश के लगभग 73 लाख राशन कार्ड धारी।

अतिरिक्त बोझ: परिवहन के लिए प्रति परिवार ₹100–₹150 का अतिरिक्त खर्च।
मुख्य खामी: ट्रांसपोर्ट कंपनियों के पास केवल एक माह की सप्लाई का पुराना अनुबंध।
पदाधिकारी: प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिहिर कुर्मी और मिथलेश साहू भी रहे मौजूद।

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आम आदमी पार्टी ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि राशन वितरण की व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त नहीं किया गया और मासिक वितरण पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी। फिलहाल, जनता की नजरें सरकार के अगले कदम और राशन दुकानों में सुधार पर टिकी हैं।