रायपुर। निगम के जोन 10 के अंतर्गत मठपुरैना से बोरियाखुर्द गांव की सीमा से लगी लगभग 150 एकड़ जमीन की मार्ग संरचना अनुमति मामले में 4 अधिकारियों को आयुक्त विश्वदीप ने सस्पेंड कर दिया है। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें पूर्व जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे तथा इंजीनियरों में कार्यपालन अभियंता आशीष शुक्ला तथा अन्य इंजीनियर में योगेश यदु और अजय श्रीवास्तव शामिल हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अवैध प्लाटिंग को मंजूरी दी गई और इस दौरान उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी गई।

जानकारी के मुताबिक, बोरियाखुर्द और आसपास के इलाकों में अवैध प्लाटिंग कर लेआउट पास कराए गए थे। यहां मार्ग संरचना की फाइल को बिना कमिश्नर की अनुमति इन्होंने सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संचालनालय भेजा था। वहां भी सक्षम अधिकारियों ने इसकी छानबीन किये बिना 150 एकड़ जमीन में से 40 एकड़ जमीन पर नक्शा पास करके निर्माण की अनुमति हाल ही में दे दी थी। निगम आयुक्त ने जब इस पर आपत्ति जताई, तब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक ने स्वीकृत मार्ग संरचना को निरस्त कर दिया। इसके चलते इस पूरे मामले में निगम जोन कमिश्नरी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संचालनालय की मिलीभगत का अंदेशा लगाया जा रहा है।

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नस्ती गायब होने का मामला भी

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण नस्तियां (फाइलें) गायब कर दी गई थीं। मामले के उजागर होने के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया और जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई। फिलहाल, नस्ती गायब होने के मामले की अलग से जांच जारी है। संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

अधिकारियों को पहले ही हटा दिया गया

बताया जा रहा है कि मामले के सामने आते ही जोन कमिश्नर को उनके पद से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।

और लोगों पर हो सकती है कार्रवाई

निगम अफसरों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। अवैध प्लाटिंग के इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हो सकें। इस कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य जोन में भी लेआउट पास करने की प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी गई है।

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नगर पालिका निगम आयुक्त विश्वदीप ने बताया कि चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें पंकज शर्मा (अपर आयुक्त, नगर निवेश) को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। आभाष मिश्रा (नगर निवेश) सदस्य हैं। आशुतोष सिंह (कार्यपालन अभियंता, नगर निवेश) सचिव हैं। साथ ही सोहन गुप्ता (उप अभियंता, नगर निवेश) सदस्य हैं। कमेटी से मामले की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन मांगा गया है।