अंबिकापुर। TS Singhdeo on Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक सियासी पारा हाई हो गया है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि सरकार का मकसद महिलाओं को आरक्षण देना नहीं है। महिला आरक्षण बिल 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि साल 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल अब संविधान का हिस्सा है।

सिंहदेव ने कहा कि पुराना बिल (महिला आरक्षण) लागू कर दिया जाए। भाजपा इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने की सरकार की मंशा नहीं है। हमारी मांग है कि इसे तत्काल लागू किया जाए।

अंबिकापुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सिंहदेव ने कहा कि इसे वर्तमान सीट संख्या पर लागू किया जाए। नई जनगणना जो शुरू हुई है, इसके आंकलन के बाद जो सीट संख्या बनेगी, उसपर बाद में लागू करें। इस बात को सदन में भी कहा गया, लेकिन सरकार ने नहीं मानी।

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TS Singhdeo on Women Reservation Bill: राज्यों में सीट काटने की साजिश, इसलिए गिरा बिल

सिंहदेव ने कहा कि भाजपा संसदीय सीटें आबादी के हिसाब से बढ़ाना चाहती है। इसमें दक्षिण भारत के राज्य, जहां गैर हिंदी भाषी हैं और वहां जनसंख्या नियंत्रण ज्यादा प्रभावी रहा है, उनका प्रतिनिधित्व कम करने की साजिश थी। इसके कारण कथित महिला आरक्षण बिल संसद में गिरा। इस छलावे को सरकार दूसरे स्वरूप में पेश कर रही है।

सिंहदेव ने कहा कि आजादी के संग्राम में भी महिलाओं की लगातार भागीदारी रही। देश को पहली महिला प्रधानमंत्री और महिला राष्ट्रपति कांग्रेस के शासनकाल में ही मिले। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पंचायती राज, नगरीय निकायों और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण कांग्रेस पार्टी ने दिया।