टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान जो कुछ हुआ, उसने पूरे देश को सन्न कर दिया है। तैनात न्यायिक अधिकारियों का घेराव करने और उन्हें बंधक बनाए जाने के मामले पर अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस घटना की न केवल निंदा की है, बल्कि इसे न्यायपालिका की गरिमा पर चोट बताया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पश्चिम बंगाल में एक सरकारी अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों को कुछ लोगों ने घेर लिया और उन्हें घंटों बंधक बनाकर रखा। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान अधिकारियों के साथ अभद्रता भी की गई। मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, तो कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि न्यायिक कार्यों में लगे लोगों के साथ इस तरह का बर्हार किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने राज्य सरकार और प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा है कि जब अधिकारी फील्ड पर काम कर रहे हों, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। गौरतलब है कि कोर्ट ने इसे न्याय की प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप माना है।



