Hormuz Crisis: नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार को सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है और वहां मौजूद भारतीयों से जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा है।

Hormuz Crisis: दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय नागरिक हवाई या जमीनी किसी भी मार्ग से ईरान की यात्रा से बचें, क्योंकि मौजूदा हालात में यह सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा हो सकता है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण हवाई क्षेत्र पर पाबंदियां लागू हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में भी बाधाएं आ रही हैं।

Hormuz Crisis:एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में मौजूद हैं, वे तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ें और देश छोड़ने की व्यवस्था करें। साथ ही, सभी नागरिकों से भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहने और जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपात स्थिति के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं।

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Hormuz Crisis: यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सुरक्षा खतरों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किसी भी नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। साथ ही, समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए माइन-स्वीपिंग अभियानों को तेज करने के आदेश भी दिए गए हैं।

Hormuz Crisis: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी नाव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी माइन-स्वीपर्स इस समय समुद्री मार्ग को साफ करने में जुटे हैं।

Hormuz Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के अंदरूनी हालात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति है और ‘हार्डलाइनर’ तथा ‘मॉडरेट’ गुटों के बीच खींचतान जारी है। उनके अनुसार, इस आंतरिक संघर्ष का असर क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव से आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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