टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के महाकुंभ का आगाज हो चुका है। आज पहले चरण की 152 सीटों पर मतदान शुरू होते ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
बता दें कि, इस बार चुनाव आयोग ने बंगाल में चुनावी चरणों की संख्या में भारी कटौती करते हुए महज दो चरणों में वोटिंग का फैसला लिया है, जबकि पिछली बार आठ चरणों में चुनाव हुए थे।
वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर भी आज एक साथ मतदान जारी है। इस चरण में करीब 3.6 करोड़ मतदाता लगभग 44,000 केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
हिंसा के बीच मतदान और सुवेंदु अधिकारी का आक्रामक रुख
वोटिंग शुरू होते ही कई इलाकों से तनाव की खबरें भी आ रही हैं। केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद कुछ केंद्रों पर जेयूपी और टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जहां जमकर पत्थरबाजी और लाठीचार्ज हुआ है।
इसी बीच राज्य के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने मतदान केंद्र में प्रवेश रोके जाने पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी शांति चाहता है और जो कोई भी शांति तोड़ेगा, उसे तोड़ने का काम किया जाएगा।
दिग्गजों की साख दांव पर और सुरक्षा के कड़े पहरे
पहले चरण की 152 सीटों में से कम से कम 80 सीटों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भाजपा के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। गौरतलब है कि इस बार लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस अलग-अलग मैदान में हैं, वहीं कुछ धार्मिक संगठनों की एंट्री ने मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार से लेकर दक्षिण बंगाल के झाड़ग्राम और मिदनापुर तक, आज कुल 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो रही है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के बूथ तक पहुंच सकें।


