रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्थानीय सरकार के खाली पड़े पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी शंखनाद कर दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त कुल 1295 पदों पर उपचुनाव के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग के इस कदम के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और राजनीतिक दलों ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। यह चुनाव उन क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं जहां विभिन्न कारणों से पद रिक्त पड़े थे और विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

गांव से शहर तक वोटिंग की गूंज: पार्षदों से लेकर पंच-सरपंचों का होगा फैसला

इस चुनावी प्रक्रिया के तहत नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पार्षदों के रिक्त पदों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच और पंचों के पदों पर मतदान होगा। आंकड़ों के अनुसार पंचायतों में रिक्त पदों की संख्या सबसे अधिक है, जहां जमीनी स्तर के जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपचुनावों के दौरान आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। स्थानीय मतदाताओं में भी अपने नए प्रतिनिधियों को चुनने को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इन छोटे चुनावों के परिणाम सीधे तौर पर स्थानीय विकास और मूलभूत सुविधाओं को प्रभावित करते हैं।

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सत्ता और विपक्ष के लिए लिटमस टेस्ट: उपचुनावों में दिखेगा सियासी दमखम

हालांकि ये उपचुनाव हैं, लेकिन राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां इसे आने वाले समय के लिए एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देख रही हैं। नगरीय निकायों और पंचायतों के ये नतीजे जनता के मूड को समझने का एक बड़ा जरिया साबित होंगे। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने से लेकर मतदान और मतगणना तक की तिथियां तय कर दी गई हैं, जिससे अब पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला चुनावी मोड में आ गया है। ग्रामीण अंचलों में जहां पंच-सरपंच पदों के लिए व्यक्तिगत रसूख की जंग होगी, वहीं नगरीय निकायों में पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी होगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग कर मजबूत स्थानीय सरकार का गठन करें।