टीआरपी डेस्क। पंजाब में गैंगस्टर कल्चर पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खूनी मोड़ लेता दिख रहा है। सीरीज के प्रदर्शन पर रोक लगने के बाद राज्य की कई बड़ी हस्तियों को विदेशी वॉट्सऐप नंबरों से जान से मारने की धमकियां मिली हैं। दरअसल इस सीरीज का विरोध करने वाले नेताओं और हस्तियों को एक ही पैटर्न पर धमकी भरे संदेश भेजे गए हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
निशाने पर दिग्गज चेहरे: मूसेवाला के पिता और रंधावा को भी मिला संदेश
धमकी पाने वालों में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इन सभी ने सीरीज को ‘पंजाबियत का अपमान’ बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। गौरतलब है कि राजा वडिंग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म को कानूनी नोटिस भेजने के साथ ही हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। वहीं बलकौर सिंह ने भावुक होते हुए कहा था कि अपराधियों पर आधारित ऐसी सीरीज पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है।
डीजीपी का एक्शन: युवाओं को गुमराह करने वाली सामग्री पर केंद्र की रोक
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की सिफारिश पर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने लॉरेंस ऑफ पंजाब को रिलीज न करने के निर्देश दिए हैं। साइबर क्राइम विंग की जांच में यह पाया गया था कि इस डॉक्यूमेंट्री में अपराधियों का महिमामंडन किया गया है, जिससे युवाओं के भटकने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का बड़ा खतरा है। विशेष डीजीपी वी. नीरजा ने भी चेताया था कि संगठित अपराध को पर्दे पर हीरो की तरह दिखाना समाज के लिए घातक है।
सुरक्षा बढ़ाई गई: विदेशी नंबरों की कुंडली खंगाल रही एजेंसियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस का साइबर क्राइम विंग और खुफिया एजेंसियां उन विदेशी नंबरों की जांच में जुट गई हैं जिनसे धमकी दी गई है। धमकी मिलने के बाद सभी संबंधित हस्तियों की सुरक्षा और ज्यादा पुख्ता कर दी गई है। जानकारों का कहना है कि यह मामला अब केवल एक वेब सीरीज के विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पंजाब की शांति और सामाजिक ताने-बाने को चुनौती देने वाला बड़ा मुद्दा बन गया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन धमकियों के पीछे किस गैंग का हाथ है।



