सरगुजा। अंबिकापुर शहर के हृदय स्थल राम मंदिर क्षेत्र में एक प्लास्टिक और पटाखे की दुकान में भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि 5 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। इस भीषण आगजनी में आसपास के 8 और मकान इसकी चपेट में आ गए है। सबसे गंभीर बात यह है कि यहां चल रही पटाखे की दुकान के लिए कोई अनुमति या लाइसेंस ही नहीं तह, मगर दूकान मालिक यही दलील दे रहा है कि यहां पटाखे की कोई दुकान ही नहीं थी।

अधिकांश शहरों में रिहायशी इलाकों में पटाखे की दुकानें

अंबिकापुर शहर में आबादी वाले इलाके में संचालित पटाखे की दूकान में लगी आग प्रशासन के लिए खतरे की घंटी है। दूकान मालिक भले ही यहां पटाखे नहीं होने की बात कह रहा है, मगर इस घटना के दौरान यहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने देखा कि किस तरह तेज धमाके हो रहे थे। प्लास्टिक की दुकान में भरी-भरकम स्टॉक था। यही वजह है कि आग बुझाने में 24 घंटे से ज्यादा लग गए।

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अंबिकापुर में भले ही शोहरत के भीतर पटाखे की दुकान बिना लाइसेंस के चल रही थी, मगर सच तो यह है कि राजधानी रायपुर सहित अधिकांश शहरों में प्रशासन ने आबादी वाले इलाकों में पटाखे की दुकान खोलने की अनुमति दे रही है। ऐसे में अगर आग लगने की घटना होती है तो उसके कितने भयावह परिणाम होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। शादी-ब्याह और समारोहों में पटाखे फोड़ने का चलन है और ऐसे ही आयोजनों के लिए रिहायशी इलाकों में पटाखे की दुकानें संचालित हैं। इस संबंध में जिम्मेदार अफसरों से बात करने पर वे तर्क देते हैं कि अगर शहर के भीतर पेट्रोल पंप खुल सकते हैं तो पटाखे की दुकान क्यों नहीं।

बता दें कि अंबिकापुर में जिस व्यवसायी ने बीच शहर में पटाखे की दुकान खोल राखी थी, उसके पास शहर के बाहर पटाखे के गोदाम का लाइसेंस है, उसने गोदाम भी खोल रखा है, मगर पटाखे का ज्यादा स्टॉक शहर की इस दुकान में था।

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मुकेश अग्रवाल नामक शख्स की प्लास्टिक सामग्री और पटाखों के बड़े भंडारण के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और महज एक घंटे के भीतर दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें आस-पास के प्रमोद पाडे, प्रताप पांडेय, पवन जैन सहित अन्य 8 लोगों के घरों को अपनी चपेट में ले लिया, इन घरों में भी आग लग गई है, फायर बिग्रेड की टीम आग बुझाने के लिए घंटों मशक्कत करती रही। यहां लगातार तेज धमाके होते रहे। आग इतनी भीषण थी कि करीब 12 किलोमीटर दूर से धुएं का घना गुबार दिखाई दे रहा था।

घटना की न्यायिक जांच के आदेश

मौके पर पहुंचे कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आसपास के घरों को खाली करा दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके के विधायक और मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्रामपुर, सूरजपुर, दरिमा एयरपोर्ट और अंबिकापुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगाई गई।

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संकरी गलियों को लेकर मंत्री ने जताई चिंता

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शहर की संकरी गलियों में फायर ब्रिगेड के पहुंचने में दिक्कत होती है, इसलिए नागरिकों को सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। वहीं नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने इस घटना को प्रशासन की लापरवाही बताया। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण गंभीर खतरा पैदा करता है और प्रशासन की चूक के कारण ही आग ने इतना बड़ा रूप ले लिया।

हादसे से सबक लेने की जरुरत

अंबिकापुर में जिस तरह रिहायशी इलाके में पटाखे की दुकान में आग लगने की घटना हुई उससे शासन-प्रशासन को सबक लेने की जरुरत है। शहरी इलाकों में जिस तरह पटाखे की दुकानें संचालित रहें, उन्हें आबादी से दूर स्थापित करने की जरुरत है, अन्यथा अगर कोई हादसा हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।