टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है और अगले तीन दिनों तक झुलसाने वाली गर्मी का दौर जारी रहेगा। शुक्रवार को राजनांदगांव 45.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म इलाका रहा जबकि रायपुर में भी पारा 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बंगाल और ओडिशा की ओर से आ रही गर्म शुष्क हवाओं के कारण हीटवेव की स्थिति और विकराल हो गई है।

आंगनबाड़ी के समय में बड़ी कटौती और 26 अप्रैल को अंधड़ का अनुमान

तेज धूप और लू के खतरों को देखते हुए शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया है। अब 30 जून तक केंद्र सुबह 7 से 11 बजे तक ही खुलेंगे जिसमें बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 9 बजे तक ही अनिवार्य की गई है। राहत की एक धुंधली उम्मीद 26 अप्रैल को जताई गई है जब प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने के कारण वार्म नाइट की चेतावनी जारी की गई है जिससे रात में भी चैन नहीं मिलेगा।

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क्या है हीटवेव का पैमाना और क्यों तप रहा है छत्तीसगढ़

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जब मैदानी इलाकों का तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक हो जाता है तो उसे हीटवेव घोषित किया जाता है और 47 डिग्री पार करते ही यह सीवियर हीटवेव की श्रेणी में आ जाता है। वर्तमान में विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत तक बनी ट्रफ लाइन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के तापमान में यह उछाल आया है। रायपुर में न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री के करीब रहने से रातें भी गर्म हो गई हैं जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

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