टीआरपी डेस्क। US Iran Peace Proposal: पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर सामने आ रही है। खाड़ी देशों में छिड़ा तनाव अब कूटनीतिक रास्तों से शांत होता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जिस युद्ध की आहट से पूरी दुनिया कांप रही थी, वहां अब शांति के कबूतर उड़ने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि ईरान ने अमेरिका को एक खास शांति प्रस्ताव (Peace Plan) भेजा है, जिसकी वॉशिंगटन में बारीकी से जांच की जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का बढ़ा दबाव
दरअसल, यह पूरा मामला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ा है। यह समंदर का वो रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 30 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। इस रास्ते पर तनाव बढ़ने से भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने का डर पैदा हो गया था। अब दर्जनों देशों ने एकजुट होकर अमेरिका पर दबाव बनाया है कि व्यापारिक रास्तों को तुरंत बहाल किया जाए, जिसके बाद बाइडन प्रशासन बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुआ है।
ईरान का पीस प्लान, क्या टल जाएगा युद्ध?
ईरान ने जो शांति योजना पेश की है, उसमें सैन्य तनाव कम करने और समुद्री जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया गया है। अमेरिकी अधिकारी अब इस बात का वजन तौल रहे हैं कि ईरान का यह वादा कितना पक्का है। ओमान या स्विट्जरलैंड जैसे देश इस पूरी डील में बिचौलिए की भूमिका निभा सकते हैं। इस खबर के आते ही शेयर बाजार और तेल बाजार में स्थिरता दिखने लगी है।
भारत के लिए क्यों है यह सबसे अच्छी खबर?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। अगर होर्मुज जलमार्ग बंद होता, तो भारत में महंगाई का बड़ा ब्लास्ट हो सकता था। सप्लाई चेन बहाल रहने से तेल की कीमतों में उछाल नहीं आएगा। एशियाई देशों, खासकर भारत और चीन के लिए माल की आवाजाही आसान रहेगी। भारतीय निवेशकों के लिए भी यह खबर संजीवनी का काम करेगी।
व्हाइट हाउस के अगले कदम पर टिकी दुनिया की नजर
प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी में दोनों देशों के बीच गुप्त बैठक हो सकती है। अगर अमेरिका ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी, तो मिडिल ईस्ट में सालों से चला आ रहा तनाव एक झटके में खत्म हो सकता है। फिलहाल दुनिया भर की मीडिया व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान का इंतजार कर रही है।



