Person checking weight on a scale at home

टीआरपी डेस्क। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनहेल्दी खानपान के कारण वजन बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। फिटनेस के प्रति जागरूक लोग अक्सर वेट मशीन का सहारा लेते हैं, लेकिन दिन में कई बार वजन नापना आपको सटीक आंकड़े के बजाय केवल तनाव और कन्फ्यूजन दे सकता है।

दिनभर क्यों बदलता रहता है आपका वजन?


हमारे शरीर का वजन स्थिर नहीं रहता; यह पूरे दिन में कई कारणों से बदलता रहता है। आपके द्वारा पिए गए पानी की मात्रा, भोजन, नींद और यहां तक कि हार्मोनल बदलाव भी वजन के कांटे को ऊपर-नीचे करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार वजन चेक करने से आप ‘वेट फ्लक्चुएशन’ के शिकार हो सकते हैं, जो कि वास्तविक फैट नहीं बल्कि शरीर का वॉटर वेट होता है।

इन स्थितियों में कभी न मापें वजन


अगर आप सही परिणाम चाहते हैं, तो इन तीन मौकों पर वेट मशीन से दूर रहें

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भारी भोजन के तुरंत बाद: खाना खाने के तुरंत बाद वजन नापना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि मशीन खाने और पानी का वजन भी जोड़ देती है।

वर्कआउट के तुरंत बाद: एक्सरसाइज के बाद पसीने के जरिए शरीर से पानी निकल जाता है, जिससे वजन कम दिख सकता है, जो कि स्थाई नहीं है।

सोने से ठीक पहले: रात के समय शरीर में दिनभर का वॉटर रिटेंशन होता है, जिससे वजन हमेशा ज्यादा ही दिखाई देगा।

सही समय: वजन मापने का सबसे सटीक समय सुबह खाली पेट (फ्रेश होने के बाद) होता है।

कपड़ों का ध्यान: हमेशा हल्के कपड़े पहनकर ही वजन मापें ताकि कपड़ों का वजन परिणाम को प्रभावित न करे।

फिटनेस एक्सपर्ट्स की सलाह है कि वजन को रोजाना मापने के बजाय हफ्ते में एक बार किसी निश्चित दिन (जैसे हर सोमवार सुबह) मापें। इससे आपको अपने शरीर में हो रहे वास्तविक बदलावों का सही अंदाजा होगा और आप बिना वजह के तनाव से बच सकेंगे।

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