दंतेवाड़ा। जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दंतेवाड़ा के महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) वरुण नागेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। आदेश के अनुसार, राज्य शासन के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत यह कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय नियमानुसार निर्धारित रहेगा।

क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में महिला बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश पर उनके ही विभाग में काम करने वाली दो महिलाओं ने सेक्सुअल हैरेसमेंट और अश्लील भाषा बोलने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद जिले की राजनीति गर्म हो गई। महिला कांग्रेस ने वरुण नागेश पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उनका पुतला भी फूंका। हालांकि यह मामला सामने आने के बाद दंतेवाड़ा कलेक्टर ने 5 सदस्यीय जांच टीम की गठन की। इधर अधिकारी वरुण नागेश ने सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया।
समिति द्वारा की गई जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद 29 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में डीपीओ वरुण नागेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मामलों में गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
निलंबन के बाद विभाग का पूरा प्रभार सुश्री तनुजा बेलसरिया को सौंप दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि 30 अप्रैल 2026 तक पूरा चार्ज हैंडओवर किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और विभागीय हलकों में हलचल बढ़ गई है। अचानक हुए इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।


