नई दिल्ली। मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम जनता और मध्यम वर्ग की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ पड़ा है। सरकार ने 1 मई से न केवल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि छोटे उपभोक्ताओं की पहली पसंद माने जाने वाले 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड LPG (FTL) यानी ‘छोटू सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा किया है।
छोटू सिलेंडर पर महंगाई की मार
छोटे परिवारों, विद्यार्थियों और प्रवासी मजदूरों के बीच लोकप्रिय 5 किलो वाले इस गैस सिलेंडर की कीमत में इस बार 261 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई है। गौरतलब है कि अप्रैल महीने में भी इसकी कीमत में 51 रुपये बढ़ाए गए थे। पिछले दो महीनों के अंतराल में यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी मानी जा रही है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे घरेलू रसोई के बजट पर तत्काल कोई नया असर नहीं पड़ेगा।
4 महीने में ₹1430 का इजाफा
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की कमर तोड़ दी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। अगर महीने वार बात करें तो जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 49.50 रुपये, मार्च में 141.50 रुपये और अप्रैल में 195 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई.
| महीना | वृद्धि (प्रति सिलेंडर) |
| जनवरी | ₹111 |
| फरवरी | ₹49.50 |
| मार्च | ₹141.50 |
| अप्रैल | ₹195 |
| मई | ₹933 (अनुमानित शेष अंतर) |
बाहर खाना होगा महंगा?
कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹3000 के पार पहुंचने से अब सीधे तौर पर इसका असर आपकी थाली पर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि लागत बढ़ने के कारण होटल और रेस्टोरेंट मालिक खाने-पीने की चीजों के दाम 10% से 15% तक बढ़ा सकते हैं।


