अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर के महामाया पहाड़ स्थित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आज अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ डबरीपानी पहुंची और 20 अवैध मकानों को ध्वस्त किया। जिन अतिक्रमणकारियों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिला है, उन्हें फिलहाल कार्रवाई से अलग रखा गया है। इस कार्रवाई को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने भी सवाल उठाए हैं

सीएम से की गई थी शिकायत

वन विभाग के मुताबिक महामाया पहाड़ के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए मार्च 2026 में 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में प्रशासन ने कार्रवाई तेज की।

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रात में नोटिस, सुबह चला बुलडोजर

डबरीपानी क्षेत्र के 54 लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। गुरुवार रात वन विभाग की टीम ने इलाके में पहुंचकर मकान खाली करने की घोषणा की और नोटिस चस्पा किए। शुक्रवार सुबह फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के नेतृत्व में वन अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा बुलडोजर से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।

कब्जे के दौरान क्यों नहीं हुई कार्रवाई..?

वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे का आरोप है कि सरगुजा जिले के कई इलाकों में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है। उनका कहना है कि जब लोग वन भूमि पर कब्जा कर मकान बना रहे थे, तब न तो बिट गार्ड और न ही वन विभाग के किसी अधिकारी ने समय रहते कार्रवाई की। कब्जा पूरा होने और परिवारों के बस जाने के बाद अचानक अमला लेकर मकान तोड़ने पहुंचना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

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वन विभाग की देरी पर उठाये सवाल

आलोक दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि अंबिकापुर में 157 परिवारों को 29 मार्च को ही बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद डीएफओ अभिषेक जोगावत ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और ना ही कार्रवाई के लिए फोर्स की मांग की गई थी। यही वजह रही कि बाकी कब्जाधियो ने हाईकोर्ट से 60 दिनों का स्टे ऑर्डर ले आया हैं।

स्टे वाले मामलों को फिलहाल राहत

फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज ने बताया कि चिन्हित 157 अतिक्रमणकारियों में महामाया पहाड़, नवागढ़ और डबरीपानी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। डबरीपानी के कुछ लोगों को हाईकोर्ट से स्टे मिलने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, जबकि शेष 20 अतिक्रमण हटाए गए हैं।

कब्जा बेचने वालों पर भी कार्रवाई हो : सिंहदेव

उधर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि अवैध कब्जे हटाना जरूरी है, लेकिन जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर पैसे लेकर जमीन पर कब्जा कराया, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सिंहदेव ने सवाल उठाया कि जब कब्जे हो रहे तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

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