बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा पहली में दाखिले की धीमी प्रक्रिया पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए विस्तृत हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि किन विद्यार्थियों को किस स्कूल में और कितनी सीटों के विरुद्ध प्रवेश दिया गया है।

387 स्कूलों के लिए एक भी आवेदन नहीं..!

इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत हलफनामे पर भी नाराजगी जताई। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि प्रदेश के 387 स्कूलों में आरटीई के तहत एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ, जबकि 366 स्कूल ऐसे हैं जहां उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन बेहद कम आए हैं। इन स्कूलों में प्रदेश के कई प्रतिष्ठित निजी विद्यालय भी शामिल हैं।

क्या इन स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते बच्चे..?

अदालत ने इस स्थिति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए सवाल किया कि क्या गरीब बच्चे इन बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते, या फिर राज्य सरकार कुछ तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आरटीई के तहत आवंटित सीटों की पूरी जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक की जाए, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि दाखिले की प्रक्रिया में इतनी लापरवाही आखिर क्यों बरती जा रही है। अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सचिव को इस मामले में विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, ऐसे में गरीब बच्चों को प्रवेश कब मिलेगा। अदालत ने चिंता जताई कि यदि यही स्थिति बनी रही तो हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

कोर्ट ने पूछा ये सवाल…

राज्य सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट में कई स्कूलों में केवल एक या दो बच्चों के दाखिले की जानकारी दी गई। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि यदि किसी स्कूल में सिर्फ एक बच्चे को प्रवेश दिया गया है, तो क्या वहां कुल चार छात्र ही पढ़ रहे हैं? गौरतलब है कि आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं।

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RTE में प्रवेश का पहला चरण संपन्न

आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के वर्तमान कार्यक्रम पर नजर डालें तो लॉटरी और सीट आवंटन की पहली काउंसलिंग 13 से 17 अप्रैल के बीच पूरी हुई थी। इसके बाद विद्यार्थियों को 1 मई से 30 मई तक प्रवेश लेना है।

दूसरे चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू होगी, जिसमें नए स्कूलों का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद 1 जुलाई से 11 जुलाई तक विद्यार्थियों का पंजीयन होगा। 27 से 31 जुलाई के बीच लॉटरी और सीट आवंटन किया जाएगा, जबकि अंतिम प्रवेश प्रक्रिया 3 अगस्त से 17 अगस्त तक चलेगी।