रायपुर। राज्य शासन ने प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स और क्रियान्वयन समिति का गठन कर दिया है। मुख्य मंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 17सदस्यीय टास्क फोर्स और मुख्य सचिव की अगुवाई में क्रियान्वयन समिति होगी। टास्क फोर्स का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। जो एक साल में कम से कम दो बैठकें करेगी। समिति सदस्यों को यात्रा भत्ते और अन्य भत्ते दिए जाएंगे।

टास्क फोर्स बनाने का क्या है उद्देश्य..?

राज्य में वर्तमान में चिन्हित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर (CFRR) प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों (Potential Area) के मैपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिए संस्तुति प्रदान करना।

राज्य में वन अधिकार अधिनियम 2006 में सीएफआरआर (CFRR) प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आंकलन/समीक्षा करना।

राज्य में पेसा अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम, 2006 में सीएफआरआर (CFRR) प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के संबंधित विभाग/विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिए डीएलसी (DLC) और पेसा संबंधित विषयों के लिए जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्य योजना के लिए अनुशंसाऐं प्रदान करना।

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प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय/समन्वय से अनुमोदन के पश्चात् कार्य योजना एवं समय सीमा के अनुसार बिंदुवार क्रियान्वित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना।

राज्य में वन अधिकार अधिनियम 2006 और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य उपाय या अनुशंसाएं, जैसा टास्कफोर्स उचित समझे।

FRA और पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना

टास्कफोर्स का उद्देश्य राज्य में वन अधिकार अधिनियम, 2006 और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। अतः टास्कफोर्स उक्त कार्यों के निष्पादन जैसे शर्त क्रमांक (1) वन अधिकार अधिनियम, 2006 में सीएफआरआर (CFRR) प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों (Potential Area) के मैपिंग अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन करना, या शर्त क्रमांक (2) संबंधित प्रकरणों का आकलन करना एवं शर्त क्रमांक (3) प्रस्तावित अनुसंशाओं के प्रशासकीय/समन्वय एवं टास्क फोर्स अंतर्गत गठित शीर्ष समिति से अनुमोदन के पश्चात्, कार्य योजना एवं समय सीमा के अनुसार बिंदुवार क्रियान्वित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करने के लिए राज्य शासन के संबंधित विभाग/विभागों, जिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ राजभवन की जनजातीय प्रकोष्ठ को संज्ञान में रखते हुए दिशा निर्देश, रणनीतियां और कार्य-योजना के लिए अनुशंसाऐं करेंगी। अनुशंसाओं के प्रशासकीय/समन्वय एवं टास्क फोर्स अंतर्गत गठित शीर्ष समिति से अनुमोदन के पश्चात्, प्रस्तावित दिशा निर्देश, रणनीतियां और कार्य योजना, समय सीमा के अनुसार संबंधित विभाग/विभागों, जिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ की राजभवन की जनजातीय प्रकोष्ठ के द्वारा निष्पादित एवं क्रियान्वित की जावेगी जिसकी रिपोर्ट की एक प्रति टास्क फोर्स को भी प्रदान की जावेगी।

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