CM साय ने महादेव घाट पर मनाया 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व'

टीआरपी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के सोमनाथ मंदिर में की गई पूजा-अर्चना का वर्चुअल माध्यम से अवलोकन किया और उनके संबोधन को सुना।

छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री द्वारा भोरमदेव मंदिर के लिए 148 करोड़ रुपये की योजना और शक्तिपीठ योजना की घोषणा से प्रदेश के स्थानीय तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

शक्तिपीठ और भोरमदेव का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण पूर्ण हुआ था। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक स्थलों का विकास कर रही है। कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को भी शक्तिपीठ योजना के माध्यम से भव्य स्वरूप दिया जाएगा।

See also  लॉकडाउनः गृह मंत्री ने विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया

उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जा चुके हैं। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार रखे।

महत्वपूर्ण तथ्य
कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर के सौंदर्यकरण के लिए 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है।
श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 40,000 से ज्यादा लोग अयोध्या के दर्शन कर चुके हैं।

राज्य सरकार आने वाले समय में प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी में है, जिससे छत्तीसगढ़ की पहचान एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।