टीआरपी। बलौदा बाजार जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए खनिज विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर लवन तहसील के ग्राम तिल्दा स्थित महानदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के लिए बनाए गए रैम्प को जेसीबी की मदद से काटकर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है।
नदी के तटों पर बेजा कब्जा और अवैध रेत उत्खनन न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह स्थानीय जल स्रोतों को भी नुकसान पहुँचाता है। सरपंच द्वारा की जा रही अवैध वसूली की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अब अवैध खनन के नेटवर्क को जड़ से मिटाने के लिए गंभीर है।
खनिज विभाग की टीम ने जब तिल्दा क्षेत्र में निरीक्षण किया, तो मौके पर उत्खनन के लिए बनाया गया रैम्प मिला। हालांकि उस समय कोई उत्खनन नहीं हो रहा था, लेकिन भविष्य में होने वाली रेत चोरी को रोकने के लिए विभाग ने मार्ग को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम पंचायत तिल्दा के सरपंच द्वारा प्रति ट्रैक्टर रेत के बदले 200 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी।
ग्रामीणों के इन बयानों के आधार पर खनिज विभाग ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-40 के तहत सरपंच के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के लिए जिला पंचायत और अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को पत्र लिखा है।
कार्रवाई का क्षेत्र: महानदी, ग्राम तिल्दा (लवन तहसील)
मुख्य कार्रवाई: रेत उत्खनन के लिए बनाया गया अवैध रैम्प ध्वस्त।
सरपंच पर आरोप: प्रति ट्रैक्टर 200 रुपये की अवैध वसूली।
पिछली कार्रवाई (29 अप्रैल): 4 ट्रैक्टर मय रेत जब्त किए गए और प्रकरण दर्ज किया गया।
कानूनी आधार: खान एवं खनिज अधिनियम, 1957 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015।
सरपंच के खिलाफ की गई शिकायत के बाद अब जिला प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो सरपंच पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होने की पूरी संभावना है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध खनन और इसमें लिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


