कोरबा। उर्जाधानी के बिसाहूदास महंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज में गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां सड़क दुर्घटना में घायल एक महिला के पैर का ऑपरेशन करने के दौरान डॉक्टरों से ऐसी चूक हो गई, जिसने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चिकित्सकों ने महिला के टूटे पैर में रॉड तो लगा दी, लेकिन उसे स्थिर करने के लिए जरूरी स्क्रू लगाना ही भूल गए।
इस मामले का खुलासा ऑपरेशन के दो दिन बाद हुए एक्सरे में हुआ। मामला पूरी तरह डॉक्टरों की लापरवाही का है। कोरबा के गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मामला सामने आने के बाद मरीज के परिजनों में नाराजगी है, वहीं अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
दुर्घटना में टूट गई थी पैर की हड्डी
जानकारी के मुताबिक, छुरी गांव निवासी भूरी मरकाम सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी। इस दौरान उसके पैर की हड्डी टूट गई, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और महिला के पैर में रॉड डालकर सर्जरी की गई।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला लगातार दर्द की शिकायत कर रही थी। इसके बाद जब डॉक्टरों ने दोबारा एक्सरे कराया, तब पता चला कि पैर में डाली गई रॉड को सपोर्ट देने वाला जरूरी स्क्रू लगाया ही नहीं गया है। यह जानकारी सामने आते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया।
डॉक्टरों ने अब महिला का दोबारा ऑपरेशन करने की बात कही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि स्क्रू लगाने के लिए फिर से सर्जरी की जाएगी, ताकि मरीज को आगे किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, इस पूरी घटना ने मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉलेज प्रबंधन लापरवाही मानने से कर रहा इंकार
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ. गोपाल कंवर ने इस मामले को सीधे तौर पर लापरवाही मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि मेडिकल प्रक्रिया के तहत आगे की सर्जरी की जाएगी। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की इस सफाई से परिजन संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।



