प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में 37,500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण परियोजनाओं और अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है।
खरीफ फसलों की MSP में रिकॉर्ड वृद्धि
सरकार ने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य देने के लिए यह फैसला लिया है। इस बार सबसे अधिक वृद्धि सूरजमुखी के बीज में ₹622 प्रति क्विंटल की गई है। इसके अलावा कपास में ₹557, नाइजरसीड में ₹515 और तिल के दाम में ₹500 प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। धान की नई कीमतों से छत्तीसगढ़ के धान खरीदी लक्ष्य और बोनस गणित पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
कोयला गैसीकरण और रेल क्षेत्र को नई रफ़्तार
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत के पास अगले 200 वर्षों का कोयला भंडार है। इस भंडार का उपयोग गैस उत्पादन, उर्वरक और बिजली बनाने में किया जाएगा। इसके लिए कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी मिली है। वहीं, रेल क्षेत्र में 20,667 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद–धोलेरा के बीच देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड दोहरी लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा, नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण को भी पीपीपी मॉडल के तहत मंजूरी दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।



