रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने भाजपा सरकार पर ग्राम सभाओं के अधिकारों के उल्लंघन और फर्जी एनओसी के आधार पर जनसुनवाई कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ग्राम अलदा और देवरी-घुलघुल में उद्योग स्थापना के लिए संदिग्ध और गैर-संवैधानिक प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।

भूपेश बघेल ने बताया कि ग्राम अलदा में बालाजी स्पंज एंड आयरन लिमिटेड के लिए ग्रामसभा की अनुमति में अतिरिक्त लाइनें जोड़कर कथित फर्जी सहमति तैयार की गई। इसकी जांच जनपद पंचायत तिल्दा और राजस्व अधिकारियों की समिति ने की, जिसमें प्रस्ताव को फर्जी पाया गया। वहीं विरोध करने वाले पूर्व उपसरपंच लखनलाल वर्मा को प्रशासनिक और पुलिस प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

उन्होंने आरोप लगाया कि देवरी-घुलघुल में अग्रसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के लिए बिना ग्रामसभा और पंचायत बैठक के ही फर्जी एनओसी जारी कर दी गई। पंचों ने शपथ पत्र देकर स्पष्ट किया है कि कोई बैठक आयोजित ही नहीं हुई थी। बावजूद इसके जांच प्रक्रिया को लंबित रखकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

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भूपेश बघेल ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी एनओसी और अन्य सभी स्वीकृतियां अवैध हैं, जिन्हें तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित ग्रामीण लगातार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार ग्रामीणों के बजाय उद्योगपतियों को संरक्षण देती नजर आ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि हालिया जनसुनवाई के दौरान ग्रामीण प्लांट के विरोध में अपना ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन अधिकारियों ने पत्र लेने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बजाय दलालों के माध्यम से फर्जी समर्थन पत्र जुटाए गए।