टैंकर संचालन में गड़बड़ी के लगाए गंभीर आरोप

टीआरपी। रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महापौर और नगर निगम परिषद पर जनता की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने टैंकरों के संचालन में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और GPS आधारित भुगतान की मांग की है।

यह मामला रायपुर की आम जनता से सीधे तौर पर जुड़ा है क्योंकि गर्मियों के मौसम में पानी की सप्लाई के लिए टैंकर ही एकमात्र सहारा होते हैं। अगर टैंकरों के संचालन में गड़बड़ी होती है, तो इसका सीधा असर वार्डों की जल आपूर्ति और सरकारी खजाने पर पड़ता है।

मामले का विवरण
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे नगर निगम में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक जितने भी सवाल उठाए हैं, वे सभी ठोस साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किए गए हैं। तिवारी के अनुसार, महापौर और उनकी परिषद की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे शहर की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जिसमें वे विफल साबित हो रहे हैं।

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सबसे गंभीर आरोप टैंकरों के फर्जीवाड़े को लेकर लगाया गया है। आकाश तिवारी ने शिकायत की है कि शहर में टैंकरों के संचालन में बड़ी गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने मांग की है कि टैंकरों का भुगतान केवल GPS (Global Positioning System) ट्रैकिंग के आधार पर ही किया जाना चाहिए ताकि कागजों पर होने वाले फर्जी फेरों को रोका जा सके।

मुख्य तथ्य
नेता प्रतिपक्ष ने टैंकर संचालन में भ्रष्टाचार को लेकर साक्ष्य (Evidence) होने का दावा किया है।

भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए GPS सिस्टम को अनिवार्य करने की मांग की गई है।


विपक्ष के इन तीखे तेवरों के बाद अब गेंद महापौर और निगम प्रशासन के पाले में है। यदि इन आरोपों की जांच शुरू होती है, तो निगम के कई अधिकारियों और ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आकाश तिवारी ने साफ कर दिया है कि जनहित के मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।