कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर अस्पताल रेप और मर्डर मामले की शुरुआती जांच में कथित गड़बड़ी और ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
राज्य सचिवालय में इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और पूर्व डिप्टी कमिश्नर इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता के ख़िलाफ़ विभागीय जांच शुरू किए जाने के बाद उनके निलंबन का आदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीनों अधिकारियों पर मामले की ग़लत तरीके से जांच करने, पीड़िता के माता-पिता को “रिश्वत के तौर पर पैसे देने की पेशकश” करने और अगस्त 2024 में हुए इस जघन्य अपराध के संबंध में “बिना अनुमति प्रेस कॉन्फ्रेंस” करने के आरोप हैं।
क्या है मामला
9 अगस्त, 2024 को 31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का आरजी कर अस्पताल के कॉन्फ़्रेंस रूम में शव मिला था। जांच में पता चला कि इस डॉक्टर का पहले बलात्कार किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी।



