बलरामपुर। जिले के हंसपुर में बहुचर्चित रामनरेश हत्याकांड मामले में पुलिस ने तत्कालीन SDM करुण डहरिया सहित चार के खिलाफ रामानुजगंज कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। बता दें कि हत्याकांड के बाद से ही SDM करुण डहरिया सहित अन्य आरोपी जेल में हैं।

पुलिस की ओर से पेश चार्जशीट में 200 से अधिक पृष्ठ हैं। जबकि 32 गवाह हैं। इनमें प्रमुख गवाह आकाश अगरिया हैं जिनका कलमबंद बयान कराया गया है। इसके अतिरिक्त अजीत राम,अमलेश राम,राकेश खलखो और रुपसाय को भी बेहद अहम गवाह माना जा रहा है।

अधिकार से बाहर जाकर कार्रवाई की SDM ने

पुलिस द्वारा चार्जशीट में कहा गया है कि SDM द्वारा की गई कार्यवाही अवैध थी। पुलिस के अनुसार आरोपी SDM करुण डहरिया अपने क्षेत्राधिकार से बाहर झारखंड राज्य के लुचुतघाट में बगैर किसी शासकीय कर्मचारी के और बिना किसी पर्याप्त सुरक्षा के सरहदी राज्य झारखंड के क्षेत्राधिकारी को सूचना दिए बिना पहुँचे।

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हत्याकांड के प्रमुख आरोपी तत्कालीन SDM करुण डहरिया ने माईंस एंड मिनरल (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन)1957 की धारा 23 बी के अंतर्गत धारा 100 का पालन ही नहीं किया। याने कि जिस खनिज के मसले पर कार्यवाही करने का दावा एसडीएम कर रहे थे उसकी अधिकारिता ही घटना के समय SDM को नहीं थी।

पुलिस के अनुसार इस तरह हुई घटना

पुलिस ने चार्जशीट में घटना को लेकर जो ब्यौरा दिया है उसके मुताबिक़ एसडीएम करुण डहरिया ने झारखंड में ट्रक को लूटने के अंदाज़ में जप्त किया और उसकी सूचना ट्रक मालिक को नहीं दी। ट्रक में मौजूद ड्रायवर खलासी को ट्रक का गेट तोड़कर निकाला गया और प्रायवेट व्यक्तियों के ज़रिए से ट्रक को खुद साथ ले गए।ट्रक को लुचुतपाट से चलाते हुए हंसपुर गांव की ओर लाया गया। इधर राहुल जायसवाल ड्रायवर और खलासी की सूचना से लगा कि ट्रक को बदमाशों ने लूट लिया है तो उसने स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से ट्रक को रोका। जबकि ग्रामीणों ने ट्रक को रोका तो एसडीएम करुण डहरिया अतिरिक्त स्टाफ के साथ वापस हंसपुर नदी आए। उनके साथ सुदीप यादव, मंजीत यादव और अजय प्रताप सिंह थे। इन लोगों ने बग़ैर चेतावनी दिए बग़ैर सोचे समझे क्वी ट्रेस थाजाति सूचक गालियाँ देते हुए ग्रामीणों से मारपीट की जिससे आकाश अगरिया, अजीत राम, राजेंद्र, राकेश खलखो,रुपसाय आहत हुए, जबकि रामनरेश की मौत हो गई।

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पैसा वसूल करने नहीं वसूलने गए थे एसडीएम

चार्जशीट में इस बात का उल्लेख है कि ,एसडीएम ने एक व्यक्ति जिसे कि पुलिस ने गवाह बनाया है, उस व्यक्ति के फोन से राहुल जायसवाल से पैसे मांग रहे थे। यह संवाद कथित छापा कार्यवाही के पहले का है। पुलिस के अनुसार उक्त गवाह के अलावा खुद राहुल जायसवाल ने भी अपने बयान में कहा है कि,एसडीएम पूर्व में भी पैसा माँगते थे। एसडीएम तथा अन्य आरोपियों की घटनास्थल पर उपस्थिति के लिए पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों का लिया है और उपस्थिति प्रमाणित की है।

बलरामपुर पुलिस ने चार्जशीट में उल्लेख किया है कि, इस मामले में पुलिस पूरक चार्जशीट भी पेश करेगी। यह पूरक चालान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों के प्राप्त होते ही पेश होगा।