हाईकोर्ट भवन के सामने न्याय का हथौड़ा और सरकारी भर्ती परीक्षा रद्द होने की खबर का दृश्यांकन
हाईकोर्ट ने सहायक मत्स्य अधिकारी भर्ती परीक्षा 2025 के परिणाम निरस्त कर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की सियासत को हिलाकर रख देने वाले बहुचर्चित सीडी कांड में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। रायपुर की निचली अदालत से झटका लगने के बाद अब यह पूरा मामला बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंच गया है।

पूर्व मंत्री राजेश मूणत से जुड़े इस केस में मुख्य आरोपी विनोद वर्मा ने अपने खिलाफ आरोप तय होने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। शुक्रवार को हुई इस अहम सुनवाई के बाद जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की बेंच ने सीबीआई को नोटिस जारी कर सीधा जवाब मांग लिया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी फंसे हुए हैं।

गाजियाबाद से रायपुर तक मची थी सनसनी

यह पूरा मामला साल 2017 और 2018 का है। उस वक्त रायपुर के पंडरी थाने में भाजपा कार्यकर्ता प्रकाश बजाज ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दावा था कि किसी ने फोन पर धमकी दी है कि तुम्हारे तुम्हारे आकाओं की सीडी मेरे पास है, पैसे नहीं दिए तो वायरल कर दूंगा। इसके तुरंत बाद पुलिस एक्टिव हुई और 26-27 अक्टूबर 2017 की रात गाजियाबाद में विनोद वर्मा के घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अगले ही दिन रायपुर में भूपेश बघेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सूत्रों के मुताबिक इस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को कथित सीडी बांटी गई थी।

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वकील का बड़ा दावा- झूठी रिपोर्ट पर पड़ा छापा

हाईकोर्ट में विनोद वर्मा के वकीलों ने जोरदार दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने खुद माना है कि जिस शिकायत के आधार पर छापा मारा गया, वह रिपोर्ट ही झूठी थी। वकीलों ने आरोप लगाया कि असली खेल तो भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं ने मुंबई में रचा था। वहां एक अश्लील सीडी में तत्कालीन मंत्री का चेहरा जोड़ा गया। जब यह सीडी नकली थी, तो विनोद वर्मा पर आरोप कैसे लग सकते हैं? वकीलों का यह भी कहना है कि पत्रकारों को सीडी देने का मतलब यह नहीं कि उसे आम जनता में फैलाया गया। इसलिए विनोद वर्मा को बरी किया जाना चाहिए।

भूपेश बघेल पर भी तय हो चुके हैं आरोप

रायपुर की निचली अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि भले ही कोई किसी भी स्तर पर जुड़ा हो, लेकिन इस पूरे खेल की कड़ियां आपस में मिलती हैं। पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भूपेश बघेल को बरी कर दिया था। बाद में सत्र न्यायालय ने उस फैसले को पलट दिया। अब पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ भी आरोप तय हो चुके हैं।

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