टीआरपी। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की पूरी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। शनिवार को जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक की सभी वर्तमान कमेटियों को समाप्त कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिहाज से यह बहुत बड़ा कदम है। इस फैसले से प्रदेश कांग्रेस के भीतर आंतरिक गुटबाजी पर लगाम लगाने और नए, ऊर्जावान चेहरों को आगे आने का मौका मिलेगा, जिसका सीधा असर आगामी स्थानीय चुनावों पर पड़ेगा।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संगठन को अधिक सक्रिय, मजबूत और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से यह व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। नई नियुक्तियों में केवल उन्हीं महिला नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो सक्रियता, सदस्यता अभियान में योगदान, जनसंपर्क और संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण दिखाएंगी।
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि आगामी सभी नियुक्तियां और संगठनात्मक जिम्मेदारियां केवल अखिल भारतीय महिला कांग्रेस द्वारा व्यापक चर्चा और सर्वसम्मति के बाद ही घोषित की जाएंगी। इस कड़े फैसले की प्रतिलिपि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टी.एस. सिंह देव, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, और डॉ. चरण दास महंत सहित पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं को भेज दी गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिन्हा को भी आदेश की प्रति सौंपी गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर की सभी कमेटियों को एक साथ समाप्त किया है।
नई नियुक्तियों के लिए सक्रियता, सदस्यता अभियान में योगदान और संघर्षशील भूमिका को मुख्य आधार बनाया गया है।
इस बड़े फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में नए चेहरों की एंट्री होगी। जल्द ही दिल्ली आलाकमान से चर्चा के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है, जिससे कई पुरानी और निष्क्रिय नेत्रियों की छुट्टी होना तय माना जा रहा है।


