टीआरपी। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से राज्य के कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।
यह डेटा भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और सटीक नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेगा। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से काम होने से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा, हालांकि राजधानी रायपुर और भिलाई जैसे बड़े शहरों में सुस्त रफ्तार से शहरी विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो सकती है।
जनगणना 2027: मुख्यमंत्री की सुशासन नीति का असर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बड़े शहरों और नगर निगमों के सुस्त प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाने और गति लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
GPM ने रचा इतिहास, बड़े शहरों की रफ्तार सुस्त
राज्य स्तर पर आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%), बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं।
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बताया कि भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद माइक्रो-प्लानिंग और रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग से 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही जिला नंबर-1 बन गया।
इसके विपरीत, बड़े शहरों और नगर निगमों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। रायगढ़ नगर निगम महज 4.65% कार्य के साथ सबसे निचले पायदान पर है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य हुआ है। राजधानी रायपुर में कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है। राहत की बात यह है कि कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है और ‘HLBs Not Started’ का आंकड़ा शून्य के करीब है।
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद पिछड़े हुए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में रायपुर, भिलाई और रायगढ़ जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में मैदानी स्तर पर जनशक्ति बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि अगले चरण के प्रशिक्षण और अंतिम मैदानी सत्यापन को समय पर पूरा किया जा सके।
मुख्य आंकड़े
| जिला/क्षेत्र | कार्य पूर्णता प्रतिशत (%) | वर्तमान स्थिति/रैंक |
| गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) | 100% | राज्य में प्रथम (नंबर-1) |
| जशपुर | 99.87% | पूर्णता के बेहद करीब |
| रायपुर (राजधानी) | 10.34% | सुस्त प्रदर्शन (203/1964 ब्लॉक) |
| भिलाई नगर | 7.84% | चिंताजनक स्थिति |
| रायगढ़ नगर निगम | 4.65% | राज्य में सबसे फिसड्डी |
| कुल छत्तीसगढ़ | 60.73% | 29,602 ब्लॉक पूर्ण |



