रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी से लेकर दिल्ली के गलियारों तक इस वक्त पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर घमासान मचा हुआ है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को लेकर सीधे केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि देश में आज जो तेल के दामों को लेकर हाहाकार मचा है, उसकी पूरी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ भाजपा सरकार है। जनता परेशान है और सरकार सोई हुई है।
दूसरों को सीख, खुद के लिए छूट
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा तंज कसा है। बघेल ने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा, उपदेश कुशल बहुतेरे। उनका सीधा इशारा था कि केंद्र सरकार दूसरों को तो सादगी और नियम कायदे सिखाती है, लेकिन खुद उन पर अमल नहीं करती।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री खुद कहते हैं कि फिजूल की विदेश यात्राएं नहीं करनी चाहिए। लेकिन जैसे ही मौका मिलता है, वो खुद विदेश दौरे पर निकल जाते हैं। बघेल ने सवाल उठाया कि आखिर ये दोहरा रवैया क्यों? दूसरों के लिए अलग नियम और खुद के लिए अलग कानून क्यों चल रहा है? आज देश की जनता महंगाई से त्रस्त है और सरकार को जवाब देना ही होगा।
सुशासन तिहार पर सवाल
भूपेश बघेल सिर्फ केंद्र पर ही नहीं रुके, उन्होंने छत्तीसगढ़ की साय सरकार के सुशासन तिहार कार्यक्रम को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पकड़ पर गंभीर सवाल उठाए।
बघेल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के नाम पर जिलों का दौरा तो कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। आम जनता से कोई ढंग से मिल नहीं पा रहा है। प्रदेश में प्रशासन किसी के भी नियंत्रण में नहीं रह गया है, अफसर अपनी मनमानी कर रहे हैं। भाजपा के अपने खुद के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में भारी हताशा और निराशा का माहौल है। सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच आम लोगों की सुनवाई दफ्तरों में नहीं हो रही है।
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और छत्तीसगढ़ की स्थानीय सियासत को लेकर अब कांग्रेस पूरी तरह से आक्रामक मूड में आ गई है। आने वाले दिनों में यह सियासी पारा और चढ़ने की उम्मीद है।



