बिजनेस डेस्क। पिछले एक हफ्ते से शेयर बाजार में ऐसा भूचाल आया है कि बड़े-बड़े दिग्गजों के पसीने छूट गए हैं। देश की टॉप 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 के निवेशकों को इस हफ्ते तगड़ा झटका लगा है। मार्केट से सीधे 3.12 लाख करोड़ रुपये गायब हो गए हैं। सबसे बुरी मार मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पर पड़ी है।
मुकेश अंबानी और टाटा ग्रुप को कितना घाटा?
बाजार में आई इस सुनामी में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अकेले रिलायंस की मार्केट वैल्यू 1,34,445 करोड़ रुपये कम हो गई है। टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस (TCS) को भी 47,415 करोड़ रुपये का चूना लगा है। रायपुर के शेयर बाजार ब्रोकर नवीन शर्मा ने सूत्रों के हवाले से बताया, बाजार में यह गिरावट इतनी अचानक थी कि रिटेल इनवेस्टर्स को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
सरकारी और प्राइवेट बैंकों का भी बुरा हाल
सरकारी सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) के निवेशकों के भी करीब 52,245 करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। इसके साथ ही एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी धड़ाम से नीचे गिरे हैं। बाजार से आई लिस्ट के मुताबिक इन दिग्गज कंपनियों की वैल्यू इतनी कम हो गई है
| कंपनी का नाम | कितना घाटा हुआ (करोड़ ₹में) | अब कुल मार्केट कैप (करोड़ ₹में) |
| रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) | 1,34,445.77 | 18,08,420.81 |
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | 52,245.30 | 8,88,862.32 |
| टाटा कंसल्टेंसी (TCS) | 47,415.04 | 8,19,062.65 |
| बजाज फाइनेंस | 27,892.28 | 5,66,717.74 |
| HDFC बैंक | 20,630.01 | 11,82,069.25 |
| ICICI बैंक | 14,290.00 | 8,92,385.39 |
| लार्सन एंड टुब्रो (L&T) | 9,078.87 | 5,37,542.34 |
| हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) | 3,970.80 | 5,33,592.18 |
| LIC | 2,182.12 | 5,05,367.32 |
आखिर क्यों डूबा जनता का पैसा?
इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण सामने आ रहे हैं। पहला कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता हुआ तनाव है। इस वजह से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें अचानक 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं। दूसरा बड़ा कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का लगातार कमजोर होना है। विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से इस महीने अब तक 27 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिए हैं। इसी बिकवाली के चलते अकेले इस हफ्ते सेंसेक्स 2,090 अंक और निफ्टी 532 अंक टूटकर बंद हुआ।



