छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षाबलों के साहस और संयुक्त रणनीति के दम पर 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य हासिल कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि बस्तर में सुरक्षा हालात तेजी से बदले हैं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि नक्सल मुक्त हुए इलाकों में स्थापित करीब 70 सुरक्षा कैंपों में से एक-तिहाई को “वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी।
बैठक में आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। गृहमंत्री ने कहा कि सरकार हर आदिवासी महिला को पशुपालन से जोड़ने की योजना बना रही है। इसके तहत महिलाओं को गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएगी तथा अगले छह महीनों में बस्तर में बड़ा डेयरी नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
जगदलपुर में हुई इस अहम बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। बैठक में राज्यों के बीच कानून व्यवस्था, सीमा विवाद, परिवहन, बिजली, जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। महिलाओं के खिलाफ अपराध और रेप जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय पर भी सहमति बनी।


