देश में सबसे महंगा तेंदूपत्ता खरीदेगा छत्तीसगढ़

टीआरपी। छत्तीसगढ़ में चालू सीजन के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित किया गया है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया है कि विभाग केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही पत्तों की खरीदी कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर और सुकमा जैसे सुदूर वनांचलों में रहने वाले लाखों आदिवासियों और ग्रामीणों की आजीविका पूरी तरह तेंदूपत्ता संग्रहण पर टिकी हुई है। देश में सबसे ज्यादा समर्थन मूल्य मिलने से जहां संग्राहकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, वहीं पत्तों की छंटनी और रिजेक्शन को लेकर चल रहे विवादों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण से भ्रम की स्थिति दूर होगी।

रिजेक्ट पत्तों का विक्रय वैध, तस्करी का आरोप गलत


प्रबंध संचालक ने तेंदूपत्ता व्यापार को लेकर उड़ रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि जो पत्ते गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते और रिजेक्ट हो जाते हैं, उन पर संग्राहकों का ही मालिकाना हक होता है। ग्रामीण इन रिजेक्ट पत्तों को अपने स्तर पर निजी तौर पर बेचने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। यह एक पूरी तरह से वैध व्यापारिक प्रक्रिया है और इसे ‘तस्करी’ कहना पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है।

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इसके साथ ही विभाग ने उन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि कोरिरास सहित विभिन्न फड़ों में तेंदूपत्ता सड़ रहा है या उसमें दीमक लग रही है। अधिकारियों के मुताबिक संग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सभी फड़ों में पत्ते सुरक्षित हैं, जिनका भुगतान सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में किया जा रहा है।

सुकमा में रिकॉर्ड संग्रहण, ओडिशा बॉर्डर पर सख्त निगरानी


राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अकेले सुकमा जिले में 18 मई 2026 तक 84 हजार 382 मानक बोरा पत्तों का संग्रहण हो चुका है, जो कि तय लक्ष्य का 77.84% है। विशेष रूप से कोन्टा क्षेत्र की 5 समितियों में 100% से भी अधिक संग्रहण दर्ज किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से ओडिशा सीमा से लगे इलाकों में वन विभाग द्वारा सघन गश्त और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि पत्तों के अवैध परिवहन को रोका जा सके।

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छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य देश में सबसे ज्यादा 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा है।

राज्य में अब तक कुल 11.64 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है, जिससे 46 हजार 625 संग्राहक सीधे जुड़े हैं।

सुकमा जिले के कोन्टा क्षेत्र की 5 सहकारी समितियों में लक्ष्य से 100% अधिक रिकॉर्ड संग्रहण दर्ज हुआ है।

उच्चतम समर्थन मूल्य और सीधे बैंक खाते में भुगतान होने से इस वर्ष संग्राहकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। वन विभाग द्वारा ओडिशा सीमा पर बढ़ाई गई मुस्तैदी से आने वाले दिनों में अवैध परिवहन और बिचौलियों की सक्रियता पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।