Tech News: दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क को तगड़ा झटका लगा है। सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI के साथ चल रही उनकी सालों पुरानी कानूनी जंग अब खत्म हो गई है। अमेरिकी फेडरल कोर्ट की जूरी ने मस्क के सारे दावों को सिरे से खारिज करते हुए OpenAI के पक्ष में फैसला सुनाया है।
कोर्ट में मस्क के दावों की हवा निकली
कैलिफोर्निया की ओकलैंड फेडरल कोर्ट में इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई चल रही थी। मस्क का आरोप था कि OpenAI अपने असली रास्ते से भटक गई है। वो मानवता की भलाई छोड़कर सिर्फ कॉरपोरेट मुनाफे के लिए काम कर रही है। लेकिन 9 सदस्यों वाली जूरी और फेडरल जज इवोन गोंजालेज रोजर्स ने मस्क की एक न सुनी। कोर्ट ने साफ कहा कि मस्क ने यह मुकदमा दायर करने में बहुत ज्यादा देर कर दी।
वकील का तीखा तंज- AI में मस्क सफल नहीं
अदालत के भीतर दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने दलील दी कि OpenAI अब सिर्फ निवेशकों के फायदे के लिए काम कर रही है। इस पर OpenAI के वकील विलियम सैविट ने मस्क पर सीधा तंज कसा। उन्होंने कहा कि मस्क कई क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं, लेकिन एआई (AI) के मामले में वो सफल नहीं हैं। कंपनी का कहना है कि मार्केट में बढ़ती प्रतियोगिता के कारण मस्क चिढ़े हुए हैं।
क्यों शुरू हुआ था दोनों दिग्गजों का यह झगड़ा?
सूत्रों की मानें तो इस विवाद की जड़ें काफी पुरानी हैं। एलन मस्क कभी OpenAI के शुरुआती निवेशकों में शामिल थे। बाद में सैम ऑल्टमैन के साथ उनके मतभेद बढ़े और उन्होंने कंपनी छोड़ दी। मस्क ने आरोप लगाया था कि जो कंपनी नॉन-प्रॉफिट (बिना मुनाफे वाली) के तौर पर शुरू हुई थी, वो अब पूरी तरह व्यावसायिक बन चुकी है। हालांकि, कोर्ट के इस फैसले के बाद मस्क के एआई साम्राज्य को बड़ा झटका लगा है और सैम ऑल्टमैन की स्थिति और मजबूत हो गई है।



