टीआरपी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली की जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर देश की संपत्ति चुनिंदा उद्योगपतियों को बेचने और संविधान पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने देश में एक बड़े आर्थिक तूफान की चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ दाल-चावल जैसी बुनियादी चीजें भी बेहद महंगी हो जाएंगी।
यह बयान राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए भी बेहद संवेदनशील है। राहुल गांधी द्वारा उठाए गए महंगाई, खाद की कमी और सार्वजनिक उपक्रमों (पब्लिक सेक्टर) के निजीकरण के मुद्दे सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं को प्रभावित करते हैं, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक सरगर्मी और तेज होना तय है।
‘आ रहा है आर्थिक तूफान, मोदी सरकार ने देश को बेचा’
जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने की सलाह देते हैं, जबकि खुद हजारों करोड़ के विमानों में सफर करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ ही महीनों में देश में महंगाई का बड़ा विस्फोट होने वाला है, जिससे पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण आने वाले समय में किसानों को खाद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
संविधान और आरक्षण पर हमला, वोट छीनने का आरोप
राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि इस देश के संविधान ने आम जनता को आरक्षण, नौकरियां और वोट देने का अधिकार दिया है। लेकिन मोदी सरकार ने देश का सारा धन अंबानी-अदाणी को सौंप दिया, मनरेगा को कमजोर किया और पब्लिक सेक्टर का निजीकरण कर दिया। उन्होंने जनता को आगाह किया कि संविधान की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है, क्योंकि इसी संविधान में देश के गरीबों का खून और उनकी आवाज शामिल है।
आर्थिक चेतावनी: राहुल गांधी ने कुछ ही महीनों के भीतर देश में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की आशंका जताई है।
रोजगार और निजीकरण: सार्वजनिक क्षेत्रों (पब्लिक सेक्टर) के निजीकरण और मनरेगा को बंद करने की कोशिशों को रोजगार खत्म होने की मुख्य वजह बताया।
संवैधानिक अधिकार: मंच से आरोप लगाया गया कि एसआईआर के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिकों के वोट काटने का काम किया गया है।
राहुल गांधी के इन तीखे आरोपों के बाद अब भाजपा और केंद्र सरकार के मंत्रियों की ओर से पलटवार होना तय है। आने वाले दिनों में महंगाई और संविधान के मुद्दे पर कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन को और धार दे सकती है।


