सीएम के सामने विधायक की शिकायत पर भाजपा नेता को नोटिस

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने स्थानीय विधायक की शिकायत करना एक भाजपा नेता को भारी पड़ गया है। अनुशासनहीनता के इस मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष ने संबंधित नेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

सत्तारूढ़ दल भाजपा के भीतर आंतरिक खींचतान और सार्वजनिक मंच पर जनप्रतिनिधियों के विरोध का यह मामला कोरिया सहित पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति में गरमा गया है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ खुलकर बोलना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी है, जिस पर अब पार्टी हाईकमान ने कड़ा रुख अपनाया है।

मुख्यमंत्री के सामने मंच से कही थी यह बात
यह पूरा विवाद 21 मई को ग्राम कुशहा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। इस शासकीय कार्यक्रम के सार्वजनिक मंच से भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में कहा, “माननीय विधायक का सोनहत क्षेत्र में भ्रमण नहीं होता है।” इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।

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बाद में जब प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस संबंध में सवाल पूछा, तो उन्होंने मामले को संभालते हुए कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, यह सुशासन तिहार का विषय नहीं है। हालांकि, कार्यक्रम खत्म होने के बाद संगठन ने इसे गंभीरता से लिया और भाजपा कोरिया जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने मनोज साहू को आधिकारिक नोटिस थमा दिया।

घटना की तारीख: 21 मई, ग्राम कुशहा में ‘सुशासन तिहार’ के दौरान।

नोटिस का कारण: मुख्यमंत्री के सामने सार्वजनिक मंच से स्थानीय विधायक की सक्रियता पर सवाल उठाना।

जवाब देने की समय सीमा: भाजपा जिला अध्यक्ष ने 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू को अब अगले 7 दिनों के भीतर जिला अध्यक्ष के समक्ष अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो पार्टी अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें पद से हटाने या प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।

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