छत्तीसगढ़ में ऑक्सीटोसिन सहित 5 दवाएं नकली घोषित, बैन

टीआरपी। भारत सरकार के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) और रायपुर की प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने बाजार में बिक रही ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन सहित पांच दवाओं के विशिष्ट बैच को ‘गंभीर रूप से अवमानक’ (Grossly Not of Standard Quality) और नकली (Spurious) घोषित कर दिया है। इस गंभीर खुलासे के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ ने पूरे राज्य में इन दवाओं के भंडारण, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए जब्ती के निर्देश जारी किए हैं।

यह खबर सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों, मरीजों और स्वास्थ्य प्रणाली की सुरक्षा से जुड़ी है। जिन पांच दवाओं को प्रतिबंधित किया गया है, उनमें दर्द निवारक (Painkillers) और सर्दी-खांसी की आम दवाएं शामिल हैं जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाती हैं। नकली और अमानक दवाओं का सेवन मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए राज्य सरकार ने सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टोर संचालकों और आम जनता को तुरंत अलर्ट जारी किया है।

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प्रयोगशाला जांच में खुली पोल, उत्तराखंड और हिमाचल की कंपनियां रडार पर


खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर में की गई सघन जांच में चार नामी टैबलेट्स पूरी तरह मिथ्याछाप और नकली पाई गईं, जबकि एक प्रमुख इंजेक्शन दिल्ली से मिले इनपुट के बाद फेल घोषित किया गया। विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित दवाओं की सूची और उनके प्रभावित बैच नंबर इस प्रकार हैं:

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (Oxytocin Injection IP 5 IU/ml – Tocin): इसका बैच नंबर I-7881 है, जिसे DCGI के इनपुट के बाद ‘गंभीर रूप से अवमानक’ पाया गया।

नाक्पेन-पी (Nakpen-P): असेक्लोफेनेक एवं पैरासीटामाल टैबलेट्स का बैच नंबर MT-250777 (एक्सपायरी 04/2027), जो मैटिंस हेल्थकेयर, हरिद्वार, उत्तराखंड द्वारा निर्मित दर्शाई गई थी।

फ्लामो स्टार-ऐ पी (Flamo Star-AP): बैच नंबर SAI-25029 (एक्सपायरी 12/2026), निर्माता एनोन फार्मास्यूटिकल, हरसुलिया।

ACHE पी (ACHE P): बैच नंबर LV25DT-066B (एक्सपायरी 03/2027), निर्माता एलवी लाइफसाइंसेस, सोलन, हिमाचल प्रदेश।

कोल्डज़िया टैबलेट्स (Coldzia): बैच नंबर GT-25294A (एक्सपायरी 07/2028), निर्माता गो-इश रेमेडीज लिमिटेड, सोलन, हिमाचल प्रदेश।

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राज्य के सभी जिला औषधि नियंत्रण अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर इन संदिग्ध बैचों की कड़ी निगरानी और जांच करने को कहा गया है। विभाग ने सभी थोक और चिल्हर दवा विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने स्टॉक की तत्काल जांच करें और इन बैचों की दवा मिलने पर उसका विक्रय तुरंत रोककर स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे दवा खरीदते समय इन बैच नंबरों का मिलान जरूर कर लें।

रायपुर की कालीबाड़ी प्रयोगशाला की जांच में 4 दर्द और सर्दी की टैबलेट्स पूरी तरह नकली (Spurious) पाई गई हैं।

केंद्रीय एजेंसी DCGI की सूचना पर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के बैच नंबर I-7881 को पूरी तरह अमानक घोषित कर प्रतिबंधित किया गया है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमें पूरे छत्तीसगढ़ के मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों में औचक निरीक्षण करेंगी। यदि किसी भी स्थान पर इन प्रतिबंधित बैचों की दवाएं बिकती हुई पाई गईं, तो संबंधित संचालक के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई कर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

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