टीआरपी। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं चरणदास महंत और टी.एस. सिंहदेव द्वारा जगतगुरु आचार्य रामभद्राचार्य के खिलाफ दिए गए विवादास्पद बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पूज्य संत पर की गई यह अमर्यादित टिप्पणी कांग्रेस पार्टी के सनातन धर्म विरोधी चेहरे को एक बार फिर बेनकाब करती है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में आगामी दिनों में होने वाले संगठनात्मक बदलावों और प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ के बीच इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक फैले प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में जगतगुरु रामभद्राचार्य के करोड़ों अनुयायी हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के इस बयान को भाजपा द्वारा ‘सकल हिंदू समाज का अपमान’ बताकर मुद्दा बनाए जाने से आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में ध्रुवीकरण और तेज होने के आसार हैं।
दिल्ली के आकाओं को खुश करने की कोशिश: देवजी भाई
देवजी भाई पटेल ने तंज कसते हुए कहा कि इन दिनों कांग्रेस पार्टी में छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना है, इसलिए दिल्ली में बैठे अपने आकाओं को खुश करने के लिए सूबे के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जानबूझकर सनातन विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस के नेता केवल एक ही धर्म को टारगेट कर टिप्पणी क्यों करते हैं?
उन्होंने जगतगुरु आचार्य रामभद्राचार्य के योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि वे बिना ब्रेल लिपि पढ़े सभी वेद, पुराण और रामायण पर बात करने वाले ईश्वरीय शक्ति से पूर्ण संत हैं। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम मंदिर के लिए ऐतिहासिक प्रमाण प्रस्तुत करने वाले भी वही थे। राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने एक महीने की जेल काटी और तत्कालीन कांग्रेस सरकार की क्रूर यातनाएं सहीं, जिसके कारण उनके दाएं हाथ की हथेली तक टूट गई थी।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि आचार्य जी ने वर्ष 2022 में अपने द्वारा स्थापित लगभग दो हजार करोड़ रुपये का दिव्यांग विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार को दान कर दिया, जहां हजारों दिव्यांग बच्चे मुफ्त शिक्षा पा रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि क्या चरणदास महंत, टी.एस. सिंहदेव या भूपेश बघेल में से कोई कांग्रेसी नेता इस स्तर की सेवा और दान की बात कर सकता है? उन्होंने चेतावनी दी कि माँ सरस्वती के आशीर्वाद प्राप्त संत के श्राप से कांग्रेस का बचा-खुचा अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। इस अशोभनीय टिप्पणी के लिए पूरी कांग्रेस पार्टी को सामूहिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
आचार्य रामभद्राचार्य ने वर्ष 2022 में अपनी लगभग 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले दिव्यांग विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश सरकार को दान में दे दिया था।
भाजपा नेता ने कांग्रेस नेताओं के बयान को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ के लिए दिल्ली दरबार को खुश करने की कवायद करार दिया है।
इस तीखे बयानबाजी के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस के खेमे से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी। साथ ही, संत समुदाय की ओर से भी इस विवाद पर बड़े विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।



