टीआरपी। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक सघन संतृप्तिकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुरक्षित करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह अभियान बस्तर संभाग के उन संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से महरुम रहे हैं। योजना के दूसरे चरण में सीधे ग्रामीणों के घर तक राशन, पेंशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचने से स्थानीय आदिवासियों का सरकार और प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा। यह पहल न केवल बस्तर के सुदूर अंचलों में नक्सलवाद के प्रभाव को कम करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और शिक्षा के नए अवसर देकर उनका भविष्य संवारेगी।
पहले चरण की सफलता के बाद बढ़ाया गया दायरा
बैठक में समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, काकेंर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं सफलतापूर्वक पहुंचाई गई थीं। अब इसकी सफलता को देखते हुए सरकार ने नियद नेल्ला नार 2.0 का दायरा काफी बड़ा कर दिया है, जिसके तहत अब 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी।
इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा ताकि उन्हें सीधे लाभान्वित किया जा सके। व्यक्तिगत लाभ के अंतर्गत ग्रामीणों के मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांगता पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाओं को सैच्युरेट किया जाएगा। इसके साथ ही सुदूर वनांचलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गांवों में 14 सामुदायिक सुविधाएं जैसे आंगनबाड़ी केंद्र, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंक, डाकघर और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
नियद नेल्लानार 2.0 के तहत बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिया जाएगा।
योजना के पहले चरण में 5 जिलों के सुरक्षा कैंपों के पास 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देशों के बाद अब सभी संबंधित विभाग बस्तर के लक्षित गांवों में सर्वे और डेटा कलेक्शन का काम युद्ध स्तर पर शुरू करेंगे, जिससे आने वाले महीनों में सुदूर अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचना शुरू हो जाएगा।



