टीआरपी डेस्क। सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट आने के बाद से मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बोर्ड की डिजिटल कॉपियों की चेकिंग यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। झारखंड के एक 17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने दावा किया है कि सीबीएसई के इस नए सिस्टम के टेंडर में एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को बदला गया। इस खुलासे के बाद रायपुर और दुर्ग समेत पूरे देश के छात्रों और पैरेंट्स में हड़कंप मच गया है।
छात्र ने टेंडर के कागजात खंगाले, 15 पॉइंट पर पकड़ी गड़बड़ी
सार्थक सिद्धांत ने अपने ब्लॉग में सीबीएसई के पुराने और नए टेंडर से जुड़े दस्तावेजों की पूरी तरह पोल खोल कर रख दी है। छात्र का दावा है कि कम से कम 15 ऐसी जगहें हैं जहां नियमों में जानबूझकर फेरबदल किया गया। जिस कंपनी (COEMPT) को यह काम मिला है, उस पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। छात्र का कहना है कि यह कंपनी पहले ‘ग्लोबरेना’ नाम से काम करती थी। इसके टर्नओवर की शर्तों को भी इस तरह मरोड़ा गया जिससे यह कंपनी बहुत कम अंतर से पास हो सके।
कॉपियों से पेज गायब, पेमेंट पोर्टल पर साइबर अटैक की खबर
सीबीएसई पर मुसीबतें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। छत्तीसगढ़ के कई छात्रों ने शिकायत की थी कि जब उन्होंने अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी निकलवाई, तो उसमें से कुछ पेज ही गायब थे। इसके बाद बोर्ड के पुनर्मूल्यांकन (री-वैल्यूएशन) पोर्टल को लेकर भी एक चौंकाने वाली खबर आई। सूत्रों के मुताबिक, इसके पेमेंट सिस्टम पर एक ‘साइबर अटैक’ हुआ था। करीब 50 छात्रों ने पोर्टल में सेंध लगाकर अपनी एप्लीकेशन फीस के साथ छेड़छाड़ कर दी थी।
कल से खुलेगा नया री-वैल्यूएशन पोर्टल
इस चौतरफा फजीहत और तकनीकी खराबी के बाद सीबीएसई ने बड़ा फैसला लिया है। पहले नंबरों की दोबारा जांच के लिए पोर्टल 29 मई से खुलना था। अब इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब यह री-इवैल्यूएशन पोर्टल कल यानी 1 जून से लाइव होगा। छात्र सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड का कहना है कि वे सिस्टम को और मजबूत कर रहे हैं ताकि आगे कोई गड़बड़ी न हो।



