बीजापुर। ईटपाल स्थित अताउर रहमान के तेंदूपत्ता गोदाम में 25 मई को हुए भीषण अग्निकांड में वन विभाग ने पहली कार्रवाई करते हुए दो वनरक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए हैं। हालांकि घटना के आठ दिन बाद भी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों और गोदाम प्रभारियों पर कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।

भयावह आग में जला करोड़ों का तेंदूपत्ता

25 मई को ईटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लग गई थी। जिला यूनियन बीजापुर की 8 समितियों के 13 तेंदूपत्ता लॉट यहां रखे थे। इस घटना में करीब 6.77 करोड़ रुपये का माल जलकर राख हो गया। विभाग ने अब बीमा कंपनी से दावा प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पहली कार्रवाई: दो वनरक्षकों पर गिरी गाज

नए वनमंडलाधिकारी बीजापुर ने प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए गोदाम सहायक सुनील बुरका, वनरक्षक को निलंबित कर दिया। वहीं वनरक्षक कामेश्वर एनका के निलंबन का प्रस्ताव इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक को भेजा गया है।

See also  School Admission: आज से शुरू हुई अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में आवेदन की प्रक्रिया, Online कर सकते हैं आवेदन

क्या उच्चाधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई?

गौरतलब है कि इस घटना के बाद यहां के डीएफओ को हटा दिया गया। उसके बाद पही बार निचले स्तर पर दो वनरक्षकों के निलंबन की कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि वनक्षेत्रपाल और उपवनक्षेत्रपाल स्तर के गोदाम प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को अनुशंसा भेजी गई है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

8 दिन बाद भी उठ रहे सवाल

घटना के तीसरे दिन ही DFO को हटा दिया गया था, लेकिन 8 दिन बीतने के बाद भी न नियंत्रणकर्ता अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई हुई, न जांच टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर विभाग बड़े अफसरों को बचा रहा है।

संग्राहकों को मिली राहत

जिला यूनियन ने साफ किया कि आगजनी का संग्राहकों के पारिश्रमिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सीजन 2026 में तेंदूपत्ता तोड़ने वाले सभी संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पूरा भुगतान होगा।

See also  छत्तीसगढ़ की पुलिस ने तमिलनाडु के कुख्यात ‘त्रिची गिरोह’ को पकड़ा, कार का कांच तोड़कर उठाईगिरी की वारदातों को देता था अंजाम, राजधानी की दो वारदातों का हुआ खुलासा

ऑनलाइन भुगतान की हो रही तैयारी

तेंदूपत्ता समितियों में फड़ स्तर पर संग्रहित मात्रा की ऑनलाइन एंट्री का काम चल रहा है। विभाग के मुताबिक एंट्री पूरी होते ही राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।

फिलहाल जांच जारी है, लेकिन सबकी नजर इस बात पर है कि क्या कार्रवाई सिर्फ निचले स्तर तक सीमित रहेगी या बड़े जिम्मेदारों तक भी पहुंचेगी।