टीआरपी। राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काईवॉक में बरती जा रही लगातार लापरवाही, तकनीकी खामियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में नेताओं ने शास्त्री चौक पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए इस पूरे निर्माण कार्य की जांच किसी निष्पक्ष व स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है।
यह मामला सीधे तौर पर रायपुर के लाखों राहगीरों और आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। व्यस्ततम शास्त्री चौक के ऊपर बने इस विशालकाय लोहे के ढांचे से नट-बोल्ट का गिरना और हवा में स्ट्रक्चर का हिलना किसी भी दिन बड़े जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी खौफ है।
पहले अनुपयोगी था, अब जानलेवा बना स्काईवॉक
शास्त्री चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने हाथों में तख्तियां लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि जो स्काईवॉक पहले सिर्फ अनुपयोगी साबित हो रहा था, वह अब अफसरों और ठेकेदार की साठगांठ के चलते आम जनता के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। लंबे समय से खुले में पड़े रहने के कारण लोहे के ढांचों में जंग लग चुकी है और थोड़ी सी तेज हवा चलने पर भी पूरा स्ट्रक्चर हिलने लगता है। इसके भारी-भरकम नट-बोल्ट टूटकर नीचे सड़कों पर गिर रहे हैं।
मामले में उग्र रुख अपनाते हुए मोहम्मद सिद्दीक ने चेतावनी दी है कि इस जानलेवा लापरवाही को लेकर उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री श्री अरुण साव को जल्द ही एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि दोषी अधिकारियों और निर्माणकर्ता ठेकेदार पर त्वरित व सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस सीधे विभागीय मंत्री के बंगले का घेराव करने से पीछे नहीं हटेगी। प्रदर्शन में नागभूषण राव, सुरेश बाफना, जागेश्वर राजपूत, ब्लॉक अध्यक्ष ओम श्रीवास सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्रमुख मांग: आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर किए जा रहे घटिया स्काईवॉक निर्माण की जांच स्वतंत्र एजेंसी से हो।
बड़ी चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के बंगले का घेराव करेगी कांग्रेस।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने साफ कर दिया है कि यदि स्काईवॉक निर्माण की निष्पक्ष जांच कराकर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो इस आंदोलन को वार्ड स्तर पर और बड़ा रूप दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।



