Brijmohan Agarwal Action: रायपुर के गोबरा नवापारा में चल रहे सुशासन तिहार शिविर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सांसद बृजमोहन अग्रवाल भड़क गए। मंच पर बैठे सांसद ने जब देखा कि एक गंभीर मामले में वन विभाग का रेंजर गायब है, तो उन्होंने आव देखा न ताव, सीधे सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, रेंजर यहां क्यों नहीं है? शोकॉज नोटिस जारी करो और उसे तुरंत सस्पेंड करो।
कॉलेज की बाउंड्री वॉल पर अटका था पेंच
दरअसल, यह पूरा विवाद कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल के निर्माण को लेकर शुरू हुआ। वन विभाग ने इस निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई थी। जब शिविर में यह मुद्दा उठा, तो जवाब देने के लिए रेंजर मौके पर मौजूद ही नहीं थे। जिम्मेदार अफसर की यह लापरवाही देखकर सांसद का पारा चढ़ गया। उन्होंने जिला प्रशासन को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दे दिए।
अफसरों को 7 दिन का अल्टीमेटम
शिविर में केवल रेंजर पर ही गाज नहीं गिरी, बल्कि बाकी अधिकारियों को भी कड़ा सबक मिला। सांसद ने साफ लफ्जों में कहा कि जनता की समस्याओं को सुनने के लिए सभी विभागों का यहाँ होना जरूरी है। उन्होंने मंच से ही आदेश दिया कि शिविर में जितने भी आवेदन आए हैं, उनका निपटारा 7 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए। अगर तय समय में काम पूरा नहीं हुआ, तो गाज गिरना तय है।
पटवारी और तहसीलदार को मंच पर खींचा
नवापारा के हरिहर हाई स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जे और स्कूल की आरक्षित भूमि का मामला भी गरमाया। इस पर सांसद ने तुरंत पटवारी, आरआई और तहसीलदार को मंच पर बुला लिया। उन्होंने जमीन से जुड़े इन पुराने विवादों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने नवापारा नगर पालिका के नए भवन के लिए 2 करोड़ रुपये और कन्या शाला में एक्स्ट्रा क्लास के लिए 10 लाख रुपये देने की बड़ी घोषणा भी की।
तीसरी बार दिखा बृजमोहन का यह तेवर
अधिकारियों को मंच से डांटने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 18 मई को रायपुर के अश्विनी नगर में अवैध शराब की शिकायत पर उन्होंने पुलिस और आबकारी अफसरों को जमकर फटकार लगाई थी। वहीं आरंग के समोदा में तो उन्होंने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को मंच पर बुलाकर डांटा था, जिसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था।



