गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। फर्जी नामांतरण मामले में मरवाही में बड़ी कार्रवाई हुई है। SDM मरवाही ने पटवारी रविन्द्र कश्यप, हल्का नंबर 24 करगीकला, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही तय किया गया है।

आदिवासी की पैतृक जमीन का फर्जी नामांतरण

दरअसल आवेदक सावन सिंह वाकरे, मानसिंह, राम खिलावन एवं दिनेश सिंह ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत की थी कि उनकी पैतृक आदिवासी भूमि को भूमाफिया ने फर्जी फौती नामांतरण कर किसी और के नाम दर्ज करवा दिया। आरोपी रजिस्ट्री और शेष जमीन बेचने का प्रयास कर रहे थे।

जांच में पटवारी की भूमिका संदिग्ध

SDM की जांच में प्रथम दृष्टया पटवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आदेश में कहा गया कि पटवारी का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

सचिव-पूर्व सरपंच पर भी कार्रवाई के निर्देश

मामला ग्राम मगुरदा का है। जांच में पाया गया कि ग्राम सभा का प्रस्ताव बिना सत्यापन और दस्तावेजी जांच के पारित किया गया। मृतक और वैध उत्तराधिकारियों की छानबीन नहीं की गई।

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कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिला पंचायत CEO को पत्र जारी कर पंचायत सचिव ज्योति गुप्ता और तत्कालीन सरपंच सुखलाल पोर्ते के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।