काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बीती रात पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर अफगानिस्तान की हवाई सीमा का खुला उल्लंघन किया। पाकिस्तानी वायुसेना के इन जेट विमानों ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में घुसकर आम नागरिकों के रिहायशी घरों को निशाना बनाते हुए भारी बमबारी (Air Strikes) कर दी। इस अचानक हुए हवाई हमले में मासूम बच्चों और महिलाओं समेत कई नागरिकों की जान चली गई है। अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में इस हमले की पुष्टि की गई है और कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा हमला किया है।
तीन प्रांतों में रिहायशी इलाकों पर गिराए बम, मलबे में तब्दील हुए आम लोगों के घर
अफगान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हमले की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख सीमावर्ती प्रांतों कुनार, खोस्त और पक्तिका को अपना निशाना बनाया। इन इलाकों में कोई सैन्य ठिकाने नहीं थे, बल्कि आम नागरिक अपने परिवारों के साथ रह रहे थे। पाकिस्तानी जेट विमानों ने इन रिहायशी बस्तियों पर अंधाधुंध बमबारी की, जिससे कई मिट्टी के घर पूरी तरह जमींदोज और मलबे में तब्दील हो गए। इस अचानक हुई एयर स्ट्राइक (Airstrike) के कारण इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मारे गए लोगों में 11 मासूम बच्चे शामिल, कई घायलों की हालत बेहद नाजुक
इस अमानवीय सैन्य कार्रवाई में जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस बमबारी में कुल 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिन्हें अफगान प्रशासन ने शहीद घोषित किया है। इस हमले का सबसे दुखद पहलू यह है कि मरने वालों में सबसे ज्यादा तादाद मासूम बच्चों की है। कुल मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शख्स शामिल हैं। इसके अलावा मलबे की चपेट में आने और बम के छर्रे लगने से 14 अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी (Injured Civilians) हुए हैं, जिनमें कई महिलाएं भी हैं। सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कइयों की हालत नाजुक होने के कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। सोशल मीडिया पर भी इस हमले के बाद की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं।
अफगानिस्तान सरकार का फूटा गुस्सा
अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने देश की तरफ से कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हम इस अमानवीय अपराध और कायराना हमले की कड़े से कड़े शब्दों में पुरजोर निंदा करते हैं। अफगानिस्तान सरकार ने साफ किया है कि बेकसूर नागरिकों और बच्चों पर इस तरह का हमला सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों (International Laws) का उल्लंघन है। इस घटना के बाद से डूरंड लाइन (Durand Line) के आसपास दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर आ गई हैं, जिससे आने वाले दिनों में सीमा पर युद्ध जैसे हालात बनने का खतरा मंडराने लगा है।



