तृणमूल कांग्रेस (TMC) को गुरुवार को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हाल ही में वरिष्ठ नेताओं सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद यह तीसरा बड़ा इस्तीफा माना जा रहा है।

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को भेजे अपने पत्र में बड़ाईक ने तत्काल प्रभाव से सदस्यता छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति, उपसभापति और राज्यसभा सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया।

लगातार हो रहे इस्तीफों से राज्यसभा में टीएमसी की संख्या पर असर पड़ रहा है। बड़ाईक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर 10 रह जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ और सांसद इस्तीफा दे सकते हैं।

See also  BSP के इस ठेका कर्मचारी ने फांसी लगाकर कर ली खुदकुशी, कर्ज और आर्थिक तंगी से था परेशान

इस बीच, बागी टीएमसी नेता रितब्रत बनर्जी ने कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम पार्टी का आंतरिक मामला है। उनका दावा है कि उनके गुट को अब 64 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो विधायक दल और न ही सांसदों का कोई समूह कांग्रेस में विलय करने जा रहा है।

दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी टीएमसी और कांग्रेस के संभावित विलय की चर्चाओं से दूरी बनाते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी प्रक्रिया या बातचीत की जानकारी नहीं है।

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हाल ही में टीएमसी सांसद सुष्मिता देव का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है। उनके इस्तीफे और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि सुष्मिता देव ने इन अटकलों को खारिज किया है।

See also  पेपर लीक पर भड़का सुप्रीम कोर्ट: कहा- पुरानी गलतियों से सबक क्यों नहीं लिया, NTA से मांगा सीधा जवाब