आबकारी विभाग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब की तय दर से ज्यादा कीमत पर बिक्री करने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा के निर्देश पर गुरुवार को 4 आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि 8 अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 

कैसे पकड़ा गया मामला

राज्यस्तरीय उड़नदस्ते ने 11 जून को रायपुर के फाफाडीह स्थित विदेशी मदिरा दुकान में औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया ने ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की के 2 पाव की बिक्री की। शासन द्वारा निर्धारित दर 240 रुपए प्रति पाव के हिसाब से कुल कीमत 480 रुपए बनती थी, लेकिन ग्राहक से 500 रुपए वसूले गए, यानी 20 रुपए अधिक। 

इस अनियमितता पर विक्रेता के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत पी-8 क्रमांक 74/2026 में प्रकरण दर्ज किया गया। यह दुकान पंडरी वृत्त के आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी के प्रभार क्षेत्र में आती है। लापरवाही मानते हुए सोनी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबित कर दिया गया।

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खैरागढ़-गंडई में भी मिली गड़बड़ी

इसी तरह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की कंपोजिट मदिरा दुकान गंडई में भी ओवर रेटिंग पकड़ी गई। यहां विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर ने सवा शेरा देशी मदिरा प्लेन के 3 पाव बेचे। प्रति पाव की तय कीमत 80 रुपए के हिसाब से 240 रुपए होने चाहिए थे, लेकिन 250 रुपए लिए गए। यानी 10 रुपए ज्यादा वसूले गए। 

इस मामले में विक्रेता के खिलाफ पी-8 क्रमांक 57/2026-27 दिनांक 29.05.2026 के तहत केस दर्ज हुआ। यह क्षेत्र गंडई वृत्त प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर के अंतर्गत आता है। उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

आबकारी आयुक्त ने दिखाई सख्ती 

आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने साफ किया है कि शराब की ओवर रेटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति है। जिन दुकानों पर रेट लिस्ट से ज्यादा कीमत वसूली जाएगी, वहां के प्रभारी अधिकारी की सीधी जिम्मेदारी तय होगी। 

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निलंबन के अलावा 8 अन्य आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से प्रदेश के कई जिलों से शराब की ओवर रेटिंग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद आबकारी आयुक्त ने राज्यस्तरीय उड़नदस्ते को सक्रिय कर औचक निरीक्षण के निर्देश दिए थे। विभाग का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और हर जिले में दुकानों की जांच की जाएगी।