रायपुर। सरकार की शराब दुकानों में अधिक कीमत पर शराब की बोतल बेचे जाने की शिकायतें सही साबित हो रही हैं। आबकारी विभाग के अफसरों द्वारा ग्राहक बनकर की गई खरीदारी के दौरान कई दुकानों में शराब की ओवररेटिंग का खुलासा हुआ। इस संबंध में मिली रिपोर्ट के आधार पर तीन आबकारी उप निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं दुकान में जिन कर्मचारियों द्वारा अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इधर संबंधित जिलों के आबकारी अफसरों को मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इन अफसरों पर की गई कार्रवाई

आबकारी विभाग के आयुक्त पी एस एल्मा द्वारा जारी आदेश के मुताबिक दुर्ग जिले के उत्तर क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक हरीश पटेल को निलंबित किया गया है। आरोप है कि उनके कार्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली दुकान में कर्मचारी द्वारा अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी। ओवररेटिंग के मामले में ही हरीश पटेल के अलावा भानुप्रतापपुर के आबकारी उप निरीक्षक ओमप्रकाश और अंबिकापुर में पदस्थ आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता को निलंबित किया गया है।

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जिला अधिकारियों को जारी किया गया शो कॉज नोटिस

शराब ओवर रेटिंग के मामले में ही सीआर साहू, जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग, धीरज कनौजिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग, मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी कांकेर, लक्ष्मीकांत गायकवाड, जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा, और शीला बड़ा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सरगुजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है इन सभी को सप्ताह भर के भीतर जवाब देने को कहा गया है

छोटी मछलियों पर गाज..!

छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा शराब की दुकानों का संचालन किया जाता है और इसके लिए प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कर्मचारी रखे जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि अधिकांश जिलों में संगठित तौर पर शराब की बोतलों को एमआरपी रेट से अधिक दर पर बेचा जाता है। दुकान में जो कर्मचारी बैठे होते हैं, उनके ऊपर प्लेसमेंट एजेंसी के सुपरवाइजर जैसे पदों पर कार्यरत कर्मियों द्वारा ओवर रेट पर शराब बेचने का दबाव रहता है। हालांकि आबकारी टीम द्वारा जब भी औचक निरिक्षण किया जाता है, तब दुकान में मौजूद मल्टी वर्कर अथवा सेल्समेन लपेटे में आते हैं और हर बार प्लेसमेंट कंपनी के ऊपर के कर्मचारी-अधिकारी अपनी गर्दन बचा लेते हैं। कायदे से ऐसे मामलों में प्लेसमेंट एजेंसी की जिम्मेदारी संभाल रहे जिले के प्रमुख लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि शराब की ओवररेटिंग सहित अन्य गड़बड़ियों को रोका जा सके।

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